आज के बच्चे (12 से 14 वर्ष) बहुत समझदार हैं, उन्हें स्वयं की ही नहीं, परिवार एवं देश-दुनिया की भी चिंता है। इसीलिए वह कोविड रोधी टीकाकरण में बड़ों से ज्यादा समझदारी दिखा रहे हैं। टीका लगवाने वाले बच्चों का कहना है कि कोरोना महामारी से टीका ही बचाएगा। संक्रमण को भी बढ़ने से रोकने में मददगार बनेगा।
उन्होंने हमउम्र बच्चों से अपील की है कि टीका लगवाने में दर्द भी नहीं होता है, इसलिए घबराएं नहीं, टीका लगवाएं। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. करीब पौने दस बजे दीनदयाल चिकित्सालय स्थित केंद्र पर अपनी बेटी को टीका लगवाने पहुंचीं। 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग में टीका लगवाने वाली रिद्धिमा पहली बच्ची थीं। टीका लगने के बाद 30 मिनट तक जिलाधिकारी अपनी बेटी रिद्धिमा के साथ निगरानी कक्ष में रहीं। 12 बजे तक केंद्र पर 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग में 12 बच्चों को टीका लगा था।
अमर उजाला की टीम दोपहर 12:15 बजे नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेगमबाग पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा था। 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग का कोई बच्चा टीका लगवाने नहीं पहुंचा था। यहां पर 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लिए गुरुवार को टीका उपलब्ध कराया गया था। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगला मसानी पर दोपहर 1:15 बजे तक 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के दो बच्चों को टीका लगा था। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बन्नादेवी में दोपहर दो बजे तक 5 बच्चे (12 से 14 वर्ष) टीका लगवाने पहुंचे थे।
ये है सुस्ती का कारण
जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के 1.55 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है। 16 मार्च को दीनदयाल चिकित्सालय पर टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ हुआ था। उसके बाद होली की छुट्टी रही। बुधवार शाम से गुरुवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के लिए टीका उपलब्ध कराया गया। कुछ केंद्रों पर टीकाकरण तो शुरू कर दिया गया, लेकिन सूचना के अभाव में चंद लोग ही पहुंचे। यही कारण है कि सात दिनों में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग में टीकाकरण का आंकड़ा संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा, सरकारी व निजी स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं चलने के कारण भी अभियान पर असर पड़ा है।
एक शीशी में बीस खुराक
12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कोर्बेवैक्स वैक्सीन लगाई जा रही है। इस वैैक्सीन की एक
शीशी में बीस खुराक हैं। इसकी वजह से टीका के लिए बच्चों को इंतजार करना पड़ता है। कई
बार तो कम संख्या होने की वजह से अभिभावकों को लौटा दिया जाता है या देरी की वजह से
अभिभावक स्वयं लौट जाते हैं।
कोविड से सुरक्षा के लिए बच्चे टीका जरूर लगवाएं। टीका लगवाते समय दर्द नहीं हो रहा है। -
रिद्धिमा, डीएम की पुत्री
टीका लगवाने के बाद पूरा परिवार सुरक्षित हो गया है। देश के लिए टीका जरूरी है। -
दिशा, कक्षा 8 की छात्रा, सेंट फिदेलिस स्कूल
चाचा के दो छोटे बच्चों को छोड़कर घर के सभी सदस्यों का टीकाकरण हो गया है। -
प्रशांत वार्ष्णेय, कक्षा 8, इंग्राहम स्कूल
कोविड से बहुत नुकसान हुआ है। पढ़ाई बाधित हुई है। टीका कोविड से सुरक्षित करता है।
- शुभ गुप्ता, कक्षा 9, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल
15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण के लिए डीआईओएस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संपर्क किया था। 12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण के लिए अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है।
- प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी
बच्चों को टीका जरूर लगवाएं : डीएम
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए टीका जरूरी है। सभी अभिभावक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को टीका जरूर लगवाएं। कोविड नियमों का पालन करें।
अब सभी केंद्रों पर लग रहा टीका : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने कहा कि दीनदयाल चिकित्सालय के अतिरिक्त सभी यूपीएचसी, सीएचसी एवं पीएचसी पर टीका उपलब्ध करा दिया गया है। स्कूलों से बातचीत कर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में टीकाकरण की स्थिति
16 मार्च - 6
19 मार्च - 0
21 मार्च - 50
22 मार्च - 40
23 मार्च - 48
24 मार्च - 20
25 मार्च - 20
कुल - 184
नोट= 17 एवं 18 को होली का अवकाश, 19 मार्च को रविवार