राजा महेेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ से संबद्ध मंडल के 375 निजी महाविद्यालयों के संचालकों ने कुलपति की हठधर्मी निर्णय के विरोध में प्रयोगात्मक परीक्षा न कराने का एलान किया है। संचालकों ने कुलपति पर मानसिक और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है।
प्रयोगात्मक परीक्षा में आंतरिक और बाह्य परीक्षकों के मुखालफत में निजी महाविद्यालयों संचालक हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही हैं। लगातार कई बार ज्ञापन दिया, फिर भी कुलपति पर कोई असर नहीं पड़ा। मजबूर होकर उन्हें विवि के कुलपति से मिलने आना पड़ा। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि गोरखपुर, कानपुर, अयोध्या के परीक्षक से प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
इसमें एक परीक्षक यात्रा भत्ता के नाम पर 25 हजार और प्रति छात्र सौ रुपये की मांग कर रहे हैं, जो उनके वश की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों का शोषण नहीं होने देंगे। डॉ. ब्रह्मजीत ने कहा कि कुलपति अधर्मी हैं, वह किसी की भी पीड़ा नहीं सुनते, केवल अपनी बात कहते हैं।
उन्होंने कहा जब कुलपति को आंतरिक परीक्षक महाविद्यालय का अनुमोदित शिक्षक होना चाएिह और बाह्य परीक्षक अपने ही जिले का होना चाहिए। परीक्षकों के साथ एक नई सूची बाह्य परीक्षकों की जारी कर दी जाए। इससे किसी भी परीक्षक से परीक्षा संपन्न कराई जा सके। शुल्क का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क 800 रुपये के हिसाब से जमा करा ली जाए, का ज्ञापन दिया, तो उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। एक भी मांग मानने योग्य नहीं है। इस मौके पर उपाध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, महामंत्री अजीत गौड़, मंत्री सुमित चौहान, सचिव चंद्रप्रकाश पांचाल आदि मौजूद रहे। इस संबंध में कुलपति से पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।