चार टीमें दे रहीं दबिश
हत्या के बाद अरुण बच्चों को लेकर पहले कासिमपुर प्लांट की ओर भागा। मगर बाद में बच्चों को अपने भाई के घर छोड़कर दिल्ली की ओर गया। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस को अरुण व उसके साथियों की सटीक लोकेशन मिल गई है। इस आधार पर पुलिस की चार टीमें अलग-अलग शिमला, चंडीगढ़, दिल्ली और अपने जिले में रविवार देर रात तक दबिश दे रही थीं। संकेत हैं कि पुलिस गिरफ्तारी व खुलासे के बेहद करीब है। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय इतना ही बताते हैं कि इस वारदात में काफी कुछ हाथ लग गया है। जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
लगता है बच्चों को डराया, इसलिए ज्यादा नहीं बोले
अब तक जो साक्ष्य पुलिस को मिले हैं और जो बातें बच्चों ने बताई हैं। उनमें काफी कुछ मिलान तो है, मगर बच्चों ने घर में घटना के समय तीन अन्य लोगों के होने की बात छिपाई है। इससे पुलिस मान रही है कि बच्चों को इतना डराया गया कि वे कुछ बताने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। इसे लेकर पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के बयान के आधार पर बच्चों से एक बार फिर पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। बच्चों को सही बोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हो सकता है कि बच्चों के बयान से तथ्यों का स्पष्ट मिलान हो जाए।