फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : जिले में आए 22762 प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
आशीष श्रीवास्तव
विज्ञापन

कोरोना लॉकडाउन के बाद दूसरे प्रदेशों से बड़े पैमाने पर लौटे प्रवासी श्रमिकों के पुनर्वास एवं उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने स्किल मैपिंग कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद जनपद में स्किल मैपिंग का काम शुरू हो गया है। जिले की औद्योगिक इकाइयों से यहां से गई लेबर के रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है ताकि उन पदों पर प्रवासी श्रमिकों को समायोजित कराया जा सके। स्किल मैपिंग का काम 15 जून तक पूरा हो जाएगा।
जिले में आए 22762 श्रमिक
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में 22762 प्रवासी श्रमिक वापस आए हैं। इनमें 9363 ट्रेनों से, 8819 रोडवेज बसों से तथा शेष 4580 पैदल या अन्य संसाधनों से यहां पहुंचे हैं। जबकि 22442 श्रमिक ट्रेन व बसों के अलावा अन्य संसाधनों से यहां से वापस गये हैं।
विज्ञापन

जिले में हैं 14 हजार से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां
तालानगरी के नाम से मशहूर अलीगढ़ जिले में 14 हजार से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां हैं। इनमें अधिकांश ताला व हार्डवेयर इकाइयां हैं तो मीट फैक्ट्री से लेकर अन्य ट्रेडों की इकाइयां भी यहां मौजूद हैं।
अन स्किल्ड लेबर को दिलाया जाएगा प्रशिक्षण
स्किल मैपिंग योजना में भले ही प्रशिक्षित लेबर को चिन्हित किया जा रहा हो, लेकिन अन स्किल्ड लेबर को भी प्रशिक्षण दिलाये जाने की तैयारी है। इन अप्रशिक्षित श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। शेष बची लेबर को मनरेगा से काम दिलाया जाएगा। नोएडा समेत अन्य जनपदों की फैक्ट्रियों में भी डिमांड के अनुसार लेबर को भेजा जाएगा।
इन स्कीमों में मिलेगा काम
- प्रधानमंत्री स्वरोजगार स्कीम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, ओडीओपी योजना आदि।
स्वरोजगार के इच्छुक को मिलेगा लोन
जिला उद्योग केेंद्र के महाप्रबंधक ने बताया कि स्व रोजगार के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को मुख्यमंत्री स्व रोजगार योजना समेत अन्य स्कीमों में लोन दिलाकर काम दिलाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति यहां आकर फैक्टरी आदि डालना चाहता है और स्थानीय श्रमिकों को काम देने का इच्छुक है तो उसे पूरी सहूलियतें दिलाई जाएंगी।
विज्ञापन

प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए स्किल मैपिंग का काम 15 जून तक पूरा हो जाएगा। स्थानीय औद्योगिक इकाई स्वामियों से भी उनकी इकाई के तकनीकी विधा के रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा गया है। यह भी दस दिन में मिल जाएगा। इसके बाद प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
श्रीनाथ पासवान, जीएम डीआईसी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें