न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की उर्दू एकेडमी के निदेशक डॉ. राहत अबरार के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए एकेडमी के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर काजी अफजाल हुसैन ने कहा कि डॉ. राहत अबरार ने हमेशा जिम्मेदारी और लगन से विश्वविद्यालय की सेवा की है, जिस लगन से वह अलीगढ़ और सर सैयद दोनों को प्यार करते हैं, उसे शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता है।
जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर शाफे किदवई ने डॉ. राहत अबरार की 40 वर्षों की सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो भी काम किया, उसे बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभाया। विद्वान कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। प्रोफेसर काजी जमाल हुसैन, तारिक हसन, प्रोफेसर मौला बख्श, प्रोफेसर मोहम्मद सज्जाद ने अपने संबोधन में डॉ. राहत अबरार की क्षमताओं और योगदान का वर्णन किया।
कार्यक्रम में डॉ. राहत अबरार ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर की उर्दू भाषा और साहित्य के प्रसार में बेहद रुचि है। उनके संरक्षण में एकेडमी बेहतर प्रदर्शन करेगी। जल्द ही यहां पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इस अवसर पर डॉ. मुस्ताक सदफ, डॉ. अबू बकर, मुनीर, असद फैसल फारुकी आदि मौजूद थे।