प्रदेश सरकार ने नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के तहत मिशन शक्ति अभियान चल रहा है। अभियान के तहत हर जिले में शहर व ग्रामीण क्षेत्र में महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों में तीन-तीन महिला कर्मचारियों को संविदा पर रखा गया है, लेकिन स्टाफ को पिछले दस महीने से मानदेय ही नहीं मिल पाया है। महिला कल्याण अधिकारी और उनकी सहयोगियों की जेब खाली है और उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में स्थापित महिला शक्ति केंद्र पर महिला कल्याण अधिकारी की तैनाती है। वह दो सहयोगियों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक और गांवों में पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्रों व पंचायत घरों पर गोष्ठी व चौपाल लगाती हैं, जिनमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है, मगर इन महिला कर्मचारियों को पिछले दस माह से मानदेय न मिलने से मायूसी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने बताया कि महिला शक्ति केंद्र पर तैनात कर्मचारियों को जुलाई 2021 से मानदेय नहीं मिला है। विभागीय स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।