प्रदेश सरकार सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर निगाह रखने के लिए ब्लू प्रिट तैयार कर रही है। सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जिले की नहर, रजबहा और माइनर का ब्यौरा तलब किया है। टेल भाग के एक किसान का मोबाइल नंबर भी इसमें शामिल है। सिंचाई मंत्री किसान से सीधे संपर्क कर टेल पर पहुंचे पानी की जानकारी ले सकेंगे।
सिंचाई के लिए नहर, रजबहा और माइनर के हेड (शीर्ष) से टेल (अंतिम छोर) तक समय पर पर्याप्त पानी किसानों के लिए उपलब्ध कराने में सिंचाई विभाग के अफसर असफल रहे हैं। सरकार की मंशा टेल तक समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। रबी और खरीफ की फसल में पानी की उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग रोस्टर जारी किए जाते हैं, लेकिन पानी की उपलब्धता टेल तक उसके हिसाब से नहीं हो पाती है। अधिकारी टेल भाग को गीला करके फीडिंग दिखा देते हैं, जबकि सिंचाई के लिए किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। सिचाई मंत्री ने जिले में नहर, रजबाह, तैनात जेई, एई, सींच पर्यवेक्षक, सींचपाल और टेल भाग के एक किसान का मोबाइल नंबर समेत अधिकारियों से डाटा मांगा है। सिचाई मंत्री अंतिम छोर पर बैठे किसान से कभी भी संपर्क कर टेल तक पानी पहुंचने और पानी की उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं।