अनुसूचित जाति की युवती की हत्या की खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई। पुलिस के साथ-साथ आसपास के तमाम ग्रामीणों का मजमा लग गया। हर कोई मौत की वजह जानना चाह रहा था और देखना चाह रहा था कि आखिर क्या हुआ। मौका-ए-वारदात के दृश्य पर गौर करें और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल की राय पर ध्यान दें तो साफ हो रहा है कि युवती ने बचने के लिए काफी जद्दोजहद की है। मारने वालों ने उसका गला व मुंह दबाने के साथ-साथ जहर जैसा कोई पदार्थ भी खिलाने का प्रयास किया है। इसे देखते हुए विसरा भी प्रिजर्व किया गया है।
बुधवार दोपहर को शौच के लिए जंगल गई अनुसूचित जाति की युवती की लाश बृहस्पतिवार सुबह घर से करीब 500 मीटर दूरी पर सबसे पहले उसकी मां ने देखी थी। जैसे ही उसने शव देखा तो चीख पड़ी और शोर मचाती हुई घर की ओर दौड़ी। कुछ ही देर में उसके पिता, तीन भाई व एक अन्य बहन पहुंच गए। गांव व परिवार के तमाम लोग भी आ गए। खबर पर सबसे पहले चौकी पुलिस और कुछ देर में थाना पुलिस के साथ-साथ पूरा अमला जमा हो गया। जब चौकी व थाने की पुलिस पहुंची तो देखने में आया कि मौके पर बाजरे की फसल का कुछ हिस्सा रौंदा हुआ था। उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। चेहरे, कोहनी, बाजू आदि पर खरोंच व रगड़ के निशान दिखाई दे रहे थे। देखने से लग रहा था कि उसने यहां बचने का प्रयास किया है। मुंह से झाग निकल रहा था। यह देखकर तरह-तरह के संदेह पैदा हो रहे थे। हालांकि परिवार ने प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का अंदेशा व्यक्त किया। कहा कि उसकी इसी विरोध में हत्या की गई है। बाद में परिवार ने अज्ञात में हत्या की तहरीर दी।
डॉक्टरों की राय, कल ही हुई हत्या
शव का पोस्टमार्टम डॉ. विपिन कुमार, डॉ. अमित कुमार, महिला डॉक्टर आकांक्षा के अलावा जेएन मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कासिफ ने किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार युवती की हत्या पोस्टमार्टम से करीब डेढ़ दिन पहले यानी बुधवार दोपहर में ही स्मूदरिंग (किसी कपड़े की मदद से मुंह-गला दबाने से दम घुटना) से हुई है। जहरीले पदार्थ की आशंका के चलते विसरा प्रिजर्व किया गया है। चेहरे, कंधे, बाजुओं व कोहनी, पेट के हिस्से में रगड़ के बीस से अधिक छोटे बडे़ निशान हैं। प्रारंभिक राय में दुष्कर्म होना नहीं पाया गया है। फिर भी स्लाइड फोरेंसिक परीक्षण के लिए सुरक्षित कर भेजना तय किया है। कपड़ों को भी स्लाइड के साथ सुरक्षित इसलिए रखा गया है। इन तथ्यों से साफ पाया गया है कि युवती ने बचने के लिए काफी जद्दोजहद की है।
पीएम की रैली से ऐन पहले घटना, पुलिस प्रशासन हलकान
जिले में पीएम की 14 सितंबर को प्रस्तावित रैली से ऐन पहले अनुसूचित जाति की युवती की हत्या की इस वारदात में भीम आर्मी और बसपा नेताओं की एंट्री के बाद पुलिस प्रशासन हलकान हुआ। जैसे-तैसे अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा देकर परिवार को मनाया और विपक्षी दलों के नेताओं को भी कार्रवाई के प्रति संतुष्ट किया। तब जाकर देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान शासन स्तर तक के अधिकारी घटना को लेकर अपडेट लेते रहे।
करीबी युवक सहित तीन से पूछताछ जारी
इस घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने तीन लोग हिरासत में लिए हैं। इनमें एक करीबी रिश्तेदार के अलावा दो अन्य शामिल हैं।
आधार कार्ड से किया उम्र का सत्यापन
जब हत्या की खबर मिली तो शुरुआत में बताया गया था कि युवती नाबालिग है। मगर पुलिस ने जब जांच के दौरान आधार कार्ड देखा तो उसमें जन्मतिथि 6 मई 2003 थी। इसके बाद साफ हुआ कि युवती बालिग थी।
रिश्तेदार युवक से शादी पर चल रहा था विचार
पुलिस जांच में साफ हुआ है कि युवती की रिश्ते की बहन की शादी खैर में हुई है। वहां के एक युवक से युवती के रिश्ते की बात चल रही थी। उससे वह फोन पर बातें भी करती थी। मोबाइल कॉल डिटेल में उस युवक के नंबर के अलावा एक अन्य संदिग्ध नंबर भी सामने आया है, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
- अकराबाद की घटना में अब तक हुई जांच व पोस्टमार्टम के आधार पर साफ तौर से इरादतन हत्या का मामला समझ में आ रहा है। फिर भी तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है। एसपी देहात की अगुवाई में पुलिस टीम लगातार काम कर रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी