जब तक परमिट को लेकर स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक न टेंपो/ऑटो सीज किए जाएं और न ही उनका चालान काटा जाए। अगर अधिकारी व्यवस्था ठीक तरीके से बना नहीं सकते हैं तो किसी के रोजगार को भी नहीं छीनना चाहिए। बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में सांसद सतीश गौतम ने कहा कि आरटीओ दफ्तर परमिट की स्थिति साफ करे। सीएनजी टेंपो/ऑटो कहां से कहां तक चलेंगे। 16 किलोमीटर का परमिट किस हिसाब से दिया गया है। साथ ही ऐसे परमिट वाले टेंपो/ऑटो कहां तक चलने चाहिए। यह तस्वीर जब तक साफ नहीं होती, तब तक न तो टेंपो/ऑटो को सीज किए जाएं और न ही उनका चालान काटा जाए। अवैध चल रहे ई-रिक्शा, बसों पर कार्रवाई की जाए।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र के टेंपो/ऑटो को शहर के प्रवेश वाले चौराहों से पहले ही रोकने के आदेश दिए गए थे। पुलिस की सख्ती के कारण टेंपो और ऑटो संचालकों के साथ-साथ सवारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर संचालकों ने सांसद से गुहार लगाई थी।
सर्किट हाउस में बृहस्पतिवार शाम को एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र, आरटीओ प्रशासन केडी सिंह गौर, आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन, एआरटीओ प्रवर्तन अभिताभ चतुर्वेदी, अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त के साथ सांसद सतीश गौतम, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर ने शहर में जाम से मुक्ति, अवैध पार्किंग, पार्कों के सौंदर्यीकरण, चौराहों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर बैठक की। बैठक में निर्णय हुआ कि शहर के अंदर चलने वाले टेंपो व ई-रिक्शा के लिए यूनिक आईडी नंबर जारी किए जाएंगे। शहर में 1326 रजिस्टर्ड ई-रिक्शा हैं। बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ई-रिक्शा को सीज किया जाएगा। पनैठी से सांकरा और पनैठी से कासगंज मार्ग पर कोई परमिट नहीं है। इन दोनों मार्ग पर बिना परमिट चल रहे टेंपो सीज किए जाएंगे। अवैध रूप से चल रहीं ईको गाड़ियों पर एसपी ट्रैफिक कार्रवाई करेंगे। परिवहन विभाग, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस मिलकर अभियान चलाएं। साथ ही एएमयू सर्किल से चलने वाली अवैध बसों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सीज किए गए वाहन को खड़ा करने के लिए नगर निगम जगह देगा।
बैठक में ई-रिक्शा के संबंध में सांसद ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ई-रिक्शा दुर्घटना करके भाग जाते हैं। ई-रिक्शा में चेसिस नंबर, रजिस्ट्रेशन जैसी जानकारी नहीं होती है। इसीलिए बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ई-रिक्शा को सीज किया जाए अथवा रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया जाए। अधिकारियों से उन्होंने कहा कि सही तरीके से पहले व्यवस्था बनाएं। यह व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि किसी का रोजगार खत्म न हो और शहरवासियों को जाम से मुक्ति भी मिल जाए।
नगर निगम कैसे दे सकता है रजिस्ट्रेशन
बैठक में सांसद सतीश गौतम ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर नगर निगम कैसे ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कर सकता है। किस अधिकार के तहत नगर निगम ने पंजीकरण कराए हैं। जबकि नगर निगम को तो रजिस्ट्रेशन का अधिकार ही नहीं है। यह अधिकार आरटीओ के पास होना चाहिए क्योंकि मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक आरटीओ दफ्तर से ही रजिस्ट्रेशन होता है। उन्होंने अधिकारियों को तस्वीर साफ कर सही तरीके से ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा है।