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अलीगढ़ः चोरी छिपे आता था गांव..मैसेज से होती थी परिवार-प्रेमिका से बात

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राजेन्द्र उर्फ कलुआ। फाइल फोटो - फोटो : CITY OFFICE
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इलाके के गांव नौगवां के राकेश और उसके परिवार की करतूत का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अब इन बातों का खुलासा हो रहा है कि कलुआ का परिवार यह नहीं बताता था कि रात में चोरी छिपे राकेश अपने परिवार से मिलने आता है। वहीं मोबाइल पर व्हाट्सएप चेट व मैसेज के जरिये अपने परिवार व आगरा पुलिस में तैनात प्रेमिका से बात करता था। बृहस्पतिवार को गांव में जानकारी पर पता चला कि राकेश का पूरा परिवार गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दोपहर तक कलुआ का परिवार कानूनी औपचारिकताओं के लिए कासगंज में मौजूद था।
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वेलेंटाइन डे के दिन मौत के घाट उतारे पत्नी-बच्चे
राकेश का उसके गांव की ही युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसके बाद 2012 में राकेश की उसके परिवार ने शादी कर दी। हालांकि, वह पत्नी व बच्चों के साथ नोएडा रहकर नौकरी करता था। मगर वह चोरी छिपे प्रेमिका से मिलता व बात करता रहा। इस बात की भनक उसकी पत्नी को लगी तो विरोध भी हुआ। बाद में उसकी प्रेमिका पुलिस में भरती हो गई। दोनों शादी करना चाहते थे। वेलेंटाइन डे की देर शाम वह प्रेमिका से बात कर रहा था। तभी पत्नी ने देख लिया। इसी दौरान उसने पत्नी व दोनों बच्चों की हत्या कर दी और उनकी गुमशुदगी नोएडा के बिसरख में दर्ज कराकर अपने गांव आ गया।
गांव से साथ ले गया था कलुआ को
देर शाम कासगंज से लौटे कलुआ के माता-पिता व भाई बीटू ने बताया कि राकेश अपनी पत्नी के गायब होने के कुछ दिन बाद गांव आया था। वह कलुआ का अच्छा दोस्त था। दोनों गांव से राकेश की पत्नी को तलाशने की कहकर गए थे। इसके बाद कलुआ नहीं लौटा। हमें व हमारे पूरे परिवार को पहले ही दिन से शक था कि राकेश ने कलुआ को गायब किया है। मगर पुलिस हमारी सुनवाई नहीं कर रही थी। जब ढोलना क्षेत्र में मिली लाश को राकेश के परिवार ने अपने बेटे के शव के रूप में पहचाना तो हमने विरोध किया और उसे अपना बताया। तभी हमारी मांग पर कासगंज पुलिस ने उस शव का डीएनए मिलान कराया था। जिसकी रिपोर्ट पिछले दिनों कलुआ के शव के रूप में आई है। अब जब बेटे की हत्या का खुलासा हो गया तो कलुआ के माता-पिता व पूरा परिवार दोस्ती में दगा करने वाले राकेश व उसके परिवार को कोसते नजर आए।
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पुलिस पर भी किया रौब गालिब, सर्विलांस से मिला साक्ष्य
पिछले दिनों कासगंज पुलिस इस घटना में क्लू तलाशते हुए राकेश के घर पहुंची तो राकेश के पिता ने पुलिस पर रौब गालिब करने का प्रयास किया था। मगर पुलिस के पास सर्विलांस की मदद से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य थे। साक्ष्य के रूप में था कि एक मोबाइल से अक्सर राकेश के घर के मोबाइल पर मैसेज आते हैं और उसी मोबाइल से आगरा में तैनात उसकी प्रेमिका के मोबाइल पर भी मैसेज आते हैं। पुलिस की हरकत तेज होने के बाद मैसेज आना कम हो रहे हैं। इसी आधार पर मैसेज भेजने वाले नंबर को ट्रैस किया तो वह हरियाणा के पानीपत में दिलीप बनकर रह रहे राकेश का निकला और पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद इस चौहरे हत्याकांड में शामिल रहे पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया।
- कासगंज में वर्ष 2018 में हुई हत्या का अनवर्क आउट केस पिछले दिनों जिले के निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आया था। इस पर कासगंज पुलिस को खुलासा करने के निर्देश दिए। उसी में प्रयास करने पर यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। इस पर कासगंज पुलिस टीम बधाई की पात्र है।-दीपक कुमार, डीआईजी रेंज
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