प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसा से पीड़ित महिलाओं को लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के माध्यम से मदद की जा रही है। ऐसी महिलाओं को महिला सम्मान कोष के माध्यम से 3 से 10 लाख रुपये तक की मदद की जाती है। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष के संचालन एवं महिला अपराधों की रोकथाम के लिए गठित अनुश्रवण समिति की बैठक में कहा कि योजना के तहत महिलाओं के पुनर्वास, शिक्षा एवं आजीविका के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। प्रदेश सरकार का हर संभव प्रयास है कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाए।
डीएम ने समीक्षा करते हुए अब तक के मामलों की जानकारी प्राप्त की। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अब तक जिले में 18 मामले सामने आए हैं, जिसमें 17 प्रकरणों में चार्जशीट प्राप्त हो गई है। एक प्रकरण में फाइनल रिपोर्ट लग गई है। जिला संचालन समिति ने सभी प्रकरणों का निस्तारण किया है। डीएम ने लंबे समय से लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव महेंद्र कुमार, एसपी क्राइम, संयुक्त निदेशक अभियोजन सुशील सिंह, महिला चिकित्सालय से डा. गीतांजलि एवं दीनदयाल अस्पताल से डा. रश्मि चौधरी उपस्थित रहीं।