लेखपालों पर साहबों की मेहरबानी है। तबादलों के बाद भी लेखपाल तहसीलों में जमे हुए हैं। नये तैनाती स्थल पर जाने की बजाए वह तबादला आदेश निरस्त कराने की जुगाड़ में लगे हैं।
जिले में नौ लेखपालों का तबादला आदेश दो जुलाई को जारी किया गया था। इस आदेश का आधार उस शासनादेश को बनाया गया, जिसमें एक लेखपाल एक तहसील में अधिकतम दस और एक क्षेत्र में तीन साल ही तैनात रह सकता है। साथ ही लेखपाल के क्षेत्र छोड़ने के बाद कम से कम पांच साल तक उसकी नियुक्ति किसी भी हाल में दोबारा उसी तहसील या क्षेत्र में नहीं हो सकती है। इसके तहत कोल तहसील के चार, अतरौली के तीन, गभाना के दो लेखपाल शामिल हैं। एडीएम प्रशासन डीपी पाल ने यह आदेश जारी कर सभी एसडीएम को इन लेखपालों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए थे। अब इस आदेश को एक माह का समय हो चुका है। इसके बाद भी लेखपाल तहसीलों में जमे हुए हैं। एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने बताया कि आदेश के संबंध में क्या कार्रवाई की गई, इसकी रिपोर्ट संबंधित उप जिलाधिकारियों से ली जाएगी।