शिकायतें सुनती राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी।
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उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित पुराने सभागार में महिलाओं की शिकायतें सुनीं। पारिवारिक एवं सामाजिक उत्पीड़न से त्रस्त महिलाओं ने प्रार्थना पत्र देकर समस्या बताई। इस पर मीना कुमारी ने संबंधित अधिकारियों को लिखित एवं दूरभाष पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं की शिकायतों का वरीयता से निस्तारित करें।
सासनीगेट निवासी महिला ने बताया कि पांच वर्ष पहले पति ने उसको छोड़ दिया है, मामला न्यायालय में चल रहा है। पिसावा निवासी महिला ने पति एवं ससुराल पक्ष के लोगों की शिकायत करते हुए कहा कि घर वाले दहेज की मांग करते हैं, पति साथ नहीं रख रहा है और वह मायके में रह रही हैं। पिसावा के ही अन्य मामले में पीड़िता ने बताया कि परिवार परामर्श केंद्र में मामला लंबित है। पति मारपीट करता है और वह स्वयं भी पति के साथ नहीं रहना चाहती है। बेसवां निवासी महिला द्वारा दहेज की मांग को लेकर मारपीट किए जाने की शिकायत की गई। इन शिकायतों पर मीना कुमारी ने संबंधित थानाध्यक्षों को दोनों पक्षों के परिजनों एवं दंपतियों को साथ बुलाकर समस्या का निस्तारण कराने का निर्देश दिया। न्यायालयों में लंबित मामलों में उचित पैरवी कर पीड़ितों को समय से न्याय दिलाने पर जोर दिया। आर्यनगर कॉलोनी की महिला ने आवासीय क्षेत्र में फैक्टरी संचालन से हो रहे ध्वनि प्रदूषण और कारखाने से कभी भी अप्रिय घटना घटित होने का डर भी लगा रहता है। इस पर जांच कर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
मीना कुमारी ने बताया राज्य महिला आयोग के गठन का उद्देश्य महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके अधिकारों की रक्षा करना है। महिलाओं के शैक्षिक, आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना है। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह, महिला थाना इंचार्ज सुनीता मिश्रा, वन स्टाप सेंटर से सीमा अब्बास, विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता शबनम फ ातिमा, पुलिस क्षेत्राधिकारी विशाल चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।