किसान छर्रा को तहसील बनाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति के व्यापारियों ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए मंडी को बंद रखा। व्यापारियों व किसानों ने उपजिलाधिकारी अतरौली रविशंकर सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी देते हुए कहा कि छर्रा को तहसील बनाने के लिए प्रस्ताव नहीं रखा गया तो किसान व व्यापारी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि शासन द्वारा अकराबाद को तहसील बनाना मंडल की सबसे बड़ी नगर पंचायत के साथ धोखा है। गल्ला व्यापार के अध्यक्ष मुकेश महाजन ने कहा कि क्षेत्रफल व आबादी की दृष्टि से नगर पंचायत छर्रा ग्राम पंचायत अकराबाद से कई गुना बड़ी है और तहसील बनने के सभी मानकों को पूरा करती है। कस्बा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, राजकीय महाविद्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज, एक शासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज, कृषि उत्पादन मंडी समिति, विकास खंड कार्यालय के साथ क्षेत्राधिकारी कार्यालय है। किसानों के अनुसार अकराबाद तहसील बनने के बाद पूरी विकास खंड गंगीरी व बिजौली का कुछ भाग अकराबाद में चला जाएगा। जिससे किसान-मजदूर व व्यापारियों को अतरौली तहसील से भी लंबा पड़ेगा। किसान दूरी की वजह से छर्रा को तहसील बनाने की मांग कर रहे हैं।
चेतावनी दी कि छर्रा को तहसील बनाने के लिए प्रस्ताव नहीं रखा गया तो किसान व व्यापारी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में चौ. नवाब सिंह, विनय यादव, वीनेश गुप्ता, विजय प्रकाश गुप्ता, विनीत गुप्ता, सुशील गुप्ता, राजीव गुप्ता, महेन्द्र गुप्ता, आराम सिंह यादव, अनमोल गुप्ता, गौरव चौधरी, ऋषभ गुप्ता, सुनील पांडेय, मुरारी लाल, अच्छन, रियाजुद्दीन, प्रमोद कुमार आदि थे।