कलक्ट्रेट में एडीएम सिटी से बातचीत करते बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह।
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चुनाव के बाद ईवीएम स्थल की निगरानी की अनुमति को लेकर बसपा जिलाध्यक्ष की एडीएम सिटी से शिकायत दूर नहीं हो पा रही। अब बुधवार को कलेक्ट्रेट ज्ञापन देने पहुंचे जिलाध्यक्ष व एडीएम सिटी की तनातनी हो गई। इस दौरान जमकर गरमागरमी हुई। बाद में बात डीएम तक पहुंची तो उनके हस्तक्षेप पर एडीएम वित्त ने बसपाइयों का ज्ञापन लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने एडीएम सिटी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम, प्रेक्षक व भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत करने का एलान किया है। वहीं, एडीएम सिटी ने कहा कि उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी बसपा जिलाध्यक्ष सीधे उन पर आरोप लगा रहे थे। यह गलत परंपरा है।
बसपा जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल बुधवार दोपहर डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट गया था। उनके अवकाश पर होने के कारण एडीएम सिटी से मिलना तय हुआ। बसपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि जब वे एडीएम सिटी से मिलने गए तो उन्होंने बात सुने बिना एक साथ इतने लोगों के आने पर आपत्ति जताई। जब हमने इसका कारण पूछा तो गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गरम होने लगे। इस दौरान जमकर गरमागरमी हो गई। इस पर जिलाध्यक्ष ने डीएम को फोन मिला दिया। बाद में डीएम के इशारे पर वहां एडीएम वित्त पहुंचे, तब उन्हें ज्ञापन दिया गया।
जिलाध्यक्ष का आरोप है कि चुनाव में पार्टी को वोट देने वालों के उत्पीड़न, चुनाव प्रभावित करने के इरादे से महिलाओं तक पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई के विरोध में ज्ञापन देने गए थे। जिस पर एडीएम सिटी भड़क गए। जिलाध्यक्ष का आरोप है कि इसी तरह मतदान के अगले दिन ईवीएम की निगरानी के लिए जब जगह देखने हम लोग गए थे, तब भी उनका यही रवैया था, जबकि सपा के लोग वहां पहले से मौजूद थे। मतदान के दिन भी पुलिस लगाकर खुद हमें रोकने की कोशिश की गई। इस मामले में शिकायत की जाएगी। ये किसी दलगत भावना से प्रेरित होकर काम कर रहे हैं। इधर, एडीएम सिटी राकेश पटेल ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि बसपा के सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह, मुख्य सेक्टर प्रभारी गजराज सिंह विमल, अशोक सिंह एड आदि उन्हें पहले ही समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दे चुके थे। उनका कहना था कि बरौली व खैर में मुख्य रूप से बसपा के वोटरों को धमकाया जा रहा है। बसपा जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह बाद में आए और सीधे मुझ पर ही ऐसे ऐसे आरोप लगाने लगे, जिन बातों का मुझसे कोई लेना देना ही नहीं था। यह गलत परंपरा है। बावजूद इसके मैने बसपाइयों का ज्ञापन कार्रवाई के लिए एसएसपी एवं एसपी सिटी को भेज दिया है।