कोमला कंदौली में बने गोवंश विहार में अवैध रूप से तालाब खोदकर मछली पालन का धंधा करने के मामले में जांच होगी। सीडीओ ने इसके आदेश कर दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम गभाना को दी गई है। आवारा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रशासन ने पीपीपी माडल पर गभाना के गांव कोमला कंदौली में प्रदेश का पहला गोवंश विहार विकसित करने का फैसला लिया था।
इसके लिए गाजियाबाद के रमेशचंद्र चैरिटेबल ट्रस्ट से अनुबंध किया गया। यहां 56 हेक्टेयर सरकारी जमीन मुफ्त में ट्रस्ट को दी गई। शर्त यह थी कि यह भूमि केवल गोवंश के संरक्षण में ही उपयोग की जाएगी। जमीन पर चारा बोया जाएगा।
राजस्व परिषद ने भी इन्हीं शर्तों पर एनजीओ को जमीन दी, लेकिन अब इस गोवंश विहार में नियमों के खिलाफ मछली पालन का धंधा हो रहा है। तालाब भी खोदा गया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस प्रकरण में सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने जांच के आदेश कर दिए हैं। एसडीएम गभाना को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। सीडीओ ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।