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किसान आंदोलन आजादी बचाने का जनांदोलन है : डीपी सिंह

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तीनों कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर पिछले नौ महीने से चल रहा किसान आंदोलन आजादी बचाने का जनांदोलन है। यह विचार अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में गाजीपुर मोर्चा कमेटी के सदस्य किसान नेता डीपी सिंह ने व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के लागू होने पर देश में खेती किसान नहीं कंपनियां करेंगी। कृषि जिंसों का समूचा व्यापार बड़े-बडे कारपोरेट के हाथों में चला जाएगा। आज जनता का हर वर्ग किसान आंदोलन के साथ है और इसके विजय की कामना कर रहा है।
मिशन उत्तर प्रदेश पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि मिशन उत्तर प्रदेश देश की तस्वीर और तकदीर बदलने का नारा है। 5 सितंबर को मुज्जफरनगर में आयोजित किसानों की रैली ऐतिहासिक होगी, जिसमें संपूर्ण देश का किसान जुटेगा और कारपोरेट और मौका परस्त ताकतों के खिलाफ हुंकार भरेगा।
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स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर आयोजित इस सेमिनार में बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के प्रो. अशोक प्रकाश, भाकियू अंबावता के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, किसान सभा के ऐहतेशाम बेग, आल इंडिया बैंक एंप्लायज एसोसिएशन के ललित शर्मा व संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक क्रांतिकारी किसान यूनियन के शशिकांत ने भी संबोधित किया।
सेमिनार की अध्यक्षता एडवोकेट ओपी शर्मा व सीटू के नेता सुरेंद्र सिंह ने की। सेमिनार का संचालन ईदरीश मोहम्मद ने किया। सेमिनार में किसान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड राजसिंह, जिला उपाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, भाकियू टिकैत के सुभाष शर्मा, प्रमोद वर्मा, भाकियू महाशक्ति के जिलाध्यक्ष विनोद चौहान, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद्र विद्रोही, सुरेशचंद गांधी, गोकुल करन, इरफान अंसारी, मनोज सिसौदिया, राजकुमार शर्मा, लक्ष्मी राज सिंह, गोपी सिंह आदि किसान नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
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