कानून एवं शांति व्यवस्था, अभियोजन, महिला अपराधों की रोकथाम, महानुभावों की सुरक्षा बैठक में महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों, भू-माफिया, समाज में भय फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के भी निर्देश दिए।
आयुक्त अलीगढ़ मंडल चैत्रा वी. की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में विकास कार्यों एवं 50 करोड़ से अधिक की अपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा की गई। साथ ही कानून एवं शान्ति व्यवस्था, अभियोजन, महिला अपराधों की रोकथाम एवं महानुभावों की सुरक्षा के संबंध में भी बैठक की गई।
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अलीगढ़ मंडलायुक्त चैत्रा वी. ने कहा कि अधिकारी जनशिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दें। यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन व विभिन्न दिवसों में प्राप्त प्रकरणों को समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करें। आधिकारी आंकड़ों की बाजीगरी से बाज आएं और व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करें।
मंडलायुक्त ने आईजीआरएस निस्तारण में 30 से अधिक की रैंक व ई, डी और सी श्रेणी वाले विभागों के अधिकारियों को चेतावनी निर्गत करने के निर्देश दिए। वह कमिश्नरी सभागार में विकास कार्यों व 50 करोड़ से अधिक की अपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने अलीगढ़ को 75वें, कासगंज 63वें, हाथरस 53वें एवं एटा 38 वें पायदान पर रहने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी सीडीओ को निर्देशित किया कि वह प्रत्येक बुधवार को विकास कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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महिला अपराधों व भूमाफिया पर करें कार्रवाई
कानून एवं शांति व्यवस्था, अभियोजन, महिला अपराधों की रोकथाम, महानुभावों की सुरक्षा बैठक में महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों, भू-माफिया, समाज में भय फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में पैरवी कर कड़ी-से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने अलीगढ़-हरियाणा सीमा पर शराब तस्करी रोकने के निर्देश दिए। बैठक में आईजी शलभ माथुर, अपर आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अलीगढ़ डीएम विशाख जी., एटा डीएम प्रेम रंजन, हाथरस डीएम आशीष कुमार व कासगंज डीएम मेघा रूपम, एसएसपी अलीगढ़ संजीव सुमन, एसएसपी एटा एसएन सिंह, एसपी कासगंज अपर्णा कौशिक उपस्थित रहे।