मडराक के गांव बढ़ौली फतेह खां में बृहस्पतिवार रात हुई वृद्धा कुसुमा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी बहू ने अपने प्रेमी व उसके दोस्त संग मिलकर की थी। पुलिस ने यह खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बहू ने प्रेम संबंधों में सास के बाधा बनने पर इस वारदात को अंजाम दिया।
इंस्पेक्टर मडराक कुलदीप कुमार के अनुसार, 28 सितंबर की रात महिला कुसुमा की उनके घर में सोते समय हत्या कर दी गई। महिला के बड़े बेटे गिरीश की ओर से अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना में तथ्यों के आधार पर खुलासा करते हुए आरोपी मोहल्ला दमदमा सिकंदराराऊ के योगेश उर्फ यश, लव उपाध्याय व मृतका के छोटे बेटे की पत्नी अंशुल को गिरफ्तार किया गया।
निशानदेही से महिला का हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा, मृतका के कुंडल व लौंग बरामद की गई। तीनों ने पूछताछ में स्वीकारा कि बहू के योगेश से प्रेम संबंध हैं। इन्हीं संबंधों की भनक सास को लग गई थी और वह बाधक बनने लगी थी। इसी के चलते बहू ने योगेश संग मिलकर यह साजिश रची और घटना वाली रात योगेश अपने दोस्त लव को साथ लेकर आया। तीनों ने मिलकर गला घोंटकर महिला की हत्या कर दी।
किराये पर रहने के दौरान हुई दोनों में दोस्ती
पूछताछ में साफ हुआ कि बहू की मौसेरी बहन सिकंदराराऊ में आरोपी योगेश के घर के बराबर रहती है। कुछ समय पहले बहू ने अपने बच्चों को पढ़ाने के इरादे से वहां कमरा किराये पर लिया था और बच्चों को लेकर वहां साथ रही। इस बीच उसकी योगेश से दोस्ती हो गई।
कोरोना काल में स्कूल बंद होने पर बहू बच्चों को लेकर गांव आ गई। इस दौरान उसकी योगेश से फोन पर बात होती थी और चोरी छिपे मिलना जुलना भी रहता था। ये बातें किसी तरह सास को पता लग गई थीं। सास ने पहले उसे हिदायत देकर समझाया था। मगर बाद में वह घर में भेद खोलने की धमकी देने लगी थी। इसी डर से इस घटना को अंजाम दिया गया था।
लूट दिखाने के इरादे से पार किए जेवरात
घटना के वक्त आरोपियों ने महिला के कान के कुंडल व नाक से लौंग सिर्फ वारदात को लूट दर्शाने के इरादे से पार किए थे। मगर पुलिस को पहली नजर में ही यह लूट संदिग्ध नजर आई थी। इसी क्रम में बहू के हाव भाव ने पुलिस का शक बढ़ा दिया था। जब तथ्यों की जांच शुरू हुई तो भेद खुलता चला गया।
- अपनों के द्वारा ही अपनों की हत्या का यह एक और उदाहरण है। पुलिस टीम ने काफी प्रयास कर तथ्यों को संकलित कर वारदात का खुलासा किया है। इसके लिए पुलिस टीम बधाई की पात्र है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी