न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जीएसटी के अफसरों ने छापा मारकर मथुरा स्थित गोवर्धन चौराहे से भारी मात्रा में बरामद कोडीन सिरप के कार्टूनों के बिल अलीगढ़ व मथुरा के जीएसटी नंबर से बनाने का खुलासा किया है। जिन्हें जयपुर भेजा जा रहा था। अलीगढ़ के जिस लाइसेंस धारक का नाम सामने आ रहा है वह करीब साल भर पहले काम बंद कर चुका है। ऐसे में उसका जीएसटी नंबर कौन इस्तेमाल कर रहा था इसकी औषधि विभाग के अलावा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अलीगढ़ के औषधि निरीक्षक हरेंद्र चौधरी ने बताया कि गोवर्धन चौराहे पर चेकिंग के दौरान टीम ने टाटा मैजिक को पकड़ा था, उसी समय चालक मौके से फरार हो गया। टाटा मैजिक में 60 हजार की कीमत के 25 कार्टूनों में वेलसाइरेक्स नामक कफ सिरप की 3000 शीशियां मिली थीं। गाड़ी में सिरप के बिल भी मिले थे जो कि शाहिर मेडिकल अलीगढ़ के नाम से थे। बिल कोसी के गनपति मेडिकल स्टोर के नाम से दवाएं भेजने में इस्तेमाल किए गए थे। जिसे जयपुर में नारकोटिक्स का काम करने वाले एक व्यक्ति को भेजा जा रहा था।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि माल बरामद करने के बाद अलीगढ़ मेें देर रात शाहिर मेडिकल स्टोर के पते पर छापा मारा गया। वहां मेडिकल स्टोर के स्थान पर मकान मिला। जिसमें लाइसेंस धारक भी मौजूद थे, लेकिन और कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वह सिरप बनाने का काम काफी समय से बंद कर चुके हैं। बंदी के बाद इसे कौन इस्तेमाल कर रहा है? कोई जानकारी नहीं है। उधर गनपति मेडिकल स्टोर के संचालक ने इस तरह का माल मंगाए जाने से मना किया है। अब इस प्रकरण की जांच पूरी होने पर स्पष्ट होगा कि माल किसने बनाया, और किसने कहां भेजा । जीएसटी नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा है।