अकराबाद क्षेत्र में अनुसूचित जाति किशोरी की दुष्कर्म की कोशिश में हत्या के आरोपी बाल अपचारी की उम्र तय करने के साथ-साथ किशोर न्याय बोर्ड ने उसकी मानसिक दशा समझने का भी आदेश दिया है। न्याय बोर्ड ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर उसे 17 वर्ष का माना है। साथ में आदेश दिया है कि अपराध के परिपेक्ष्य में उसकी मानसिक दशा तय की जाए। इसके लिए निर्धारित बोर्ड को निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख नियत की है। उस रिपोर्ट के आने पर ही मुकदमे के ट्रायल पर निर्णय होगा।
विवेचक सीओ बरला सुमन कनौजिया ने बताया कि शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड ने इस मामले में अपना आदेश जारी कर दिया है। बाल अपचारी की उम्र 17 वर्ष नियत करते हुए कहा है कि अब मनोचिकित्सकों व डॉक्टरों के निर्धारित बोर्ड से इसकी मनोदशा की जांच कराई जाए। अपराध के परिपेक्ष्य में सामाजिक स्थिति समझने संबंधी उसकी रिपोर्ट तैयार कराई जाए।
चूंकि, यह इसका पहला अपराध है और नियम है कि 16 से 18 वर्ष के बीच के बाल अपचारी का यह परीक्षण कराया जाए कि उसकी अपराध के प्रति क्या मानसिक स्थिति है। सीओ के अनुसार इसकी गंभीरता परखने के बाद ही यह तय होगा कि इसका ट्रायल किस स्तर पर कराया जाए। इसके लिए बोर्ड को 24 सितंबर की तारीख नियत की है और 4 अक्तूबर को सुनवाई की अगली तारीख तय की है।