उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के कारण आई जल आपदा से जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सांकरा गंगा घाट पर नाव के इंतजामों से लेकर अन्य बचाव इंतजाम करने के बाद अब लेखपाल को आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग कराने का मसौदा तैयार हुआ है। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के धनीपुर में स्थित कार्यालय पर 22 से 24 फरवरी तक प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। इसमें प्रत्येक तहसील से 6-6 लेखपालों को आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. प्रियंका शर्मा ने बताया कि 22-24 फरवरी यह कैंप लगेगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर, एएमयू के भूकंप विभाग से प्रोफेसर, नरौरा एटोमिक प्लांट से एक विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र से कृषि वैज्ञानिक के साथ ही मौसम विभाग के वैज्ञानिक भी आएंगे। लेखपाल को इस प्रशिक्षण में यह बताया जाएगा कि अलीगढ़ में कौन-कौन सी आपदा आ सकती हैं। इसके साथ ही लोगों को आपदा के समय बचाने के लिए जागरूक कैसे किया जाएगा। आपदा आने पर उनको कैसे सुरक्षित स्थानों तक ले जाया जाए आदि। इसके साथ ही कोरोना के बारे में, जलवायु परिवर्तन के बारे में, आपदा प्रबंधन समिति के बारे में बताया जाएगा। इनको बाढ़ ग्रस्त इलाके में ले जाया जाएगा। वहां बाढ़, भूकंप, आग आदि की आपदा होने पर कैसे काम करना है। इसके साथ ही पशुओं को कैसे महामारी व आपदा के समय बचाया जाए। इसके विषय में जागरूक किया जाएगा। जिले में पांच तहसील हैं। सभी से छह-छह लेखपालों को इस ट्रेनिंग में बुलाया जाएगा।