इस मामले में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका अभियोजन व पैरोकार पक्ष की है। न्यायालय में 3 अप्रैल को चार्जशीट पर संज्ञान लिया गया और 4 अप्रैल को आरोप तय हुए। इसके बाद सात अप्रैल को साक्ष्य, 10 अप्रैल को वादी की गवाही, 12 व 15 अप्रैल को पीडि़त को बुलाने की प्रक्रिया, 20 अप्रैल को पीडि़त, डॉक्टर की गवाही, 24 को साक्ष्य, 25 को विवेचक की गवाही, 26-18 अप्रैल व 1 मई को साक्ष्य प्रक्रिया और 3 मई को डॉक्टर से जिरह, 5 मई को मुकदमा लेखक से जिरह, 6 मई को आरोपी के बयान, 9 मई को बहस और 15 मई को निर्णय सुनाया गया है।
चार बच्चों का पिता है आरोपी, बच्ची गैर समुदाय की
अभियोजन अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में दोषी करार पप्पू दो बेटे व दो बेटियों का पिता है। गैर समुदाय की मजदूर परिवार की बच्ची को बचपन में ही गोद लेकर अपने पास रखे हुए था। इसी बच्ची के संग पिछले एक वर्ष से इस तरह की हरकत करता आ रहा था।