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Aligarh News: बिन मां-बाप की बच्ची को लिया गोद, फिर किया दुष्कर्म, कथित पिता को हुई 20 साल की सजा

Mon, 15 May 2023 09:10 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

बिना मां-बाप की बच्ची को पहले गोद लिया, फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। पकड़े जाने के बाद 16 तारीखों में कोर्ट ने कथित पिता को 20 साल की सजा सुनाई है। बच्ची घटना से ही नारी निकेतन में रह रही है।
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बच्ची से दुष्कर्म प्रतीकात्मक - फोटो : social media
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विस्तार
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अलीगढ़़ महानगर के क्वार्सी क्षेत्र के मंजूरगढ़ी में सात माह पूर्व गोद ली गैर समुदाय की बेटी संग कथित पिता द्वारा दुष्कर्म की घटना में दोषी को बीस वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से सुनाया गया है। बता दें कि बिन मां बाप की बेटी इस घटना के बाद से नारी निकेतन में रह रही है।

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बच्ची को लिया गोद, फिर किया गंदा काम
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी महेश सिंह के अनुसार घटना 25 अक्तूबर 2020 की है। इलाके में ही रहने वाले एक सामाजिक व्यक्ति ने क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपी 50 वर्षीय पप्पू उर्फ मोहम्मद हसन निवासी बिसमिल्लाह कालोनी मंजूरगढ़ी ने एक बिन मां-बाप की घूमती टहलती करीब 13 वर्षीय लड़की को गोद लिया था। घटना वाले दिन आरोपी की पुत्रवधु ने उसे बच्ची संग गंदी हरकत करते देख लिया और शोर मचा दिया।

इस मामले में हंगामा होने और भीड़ जमा होने पर पुलिस आ गई। बाद में सामाजिक व्यक्ति मोहन चौहान की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले में मेडिकल परीक्षण के आधार पर दुष्कर्म की धाराओं में चार्जशीट लगाई। सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व बच्ची की गवाही के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पप्पू को दोषी करार देकर बीस वर्ष कैद व 50 हजार रुपये जुमाने से दंडित किया है। जिसमें से 40 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
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बचपन से रखी थी गोद, दादरी में कहीं रहते हैं माता-पिता
पुलिस जांच और खुद लड़की ने बयान में बताया कि वह बचपन से इसी मोहल्ले में रही है। उसे आरोपी ने गोद ले लिया था। उसके माता पिता भट्ठे पर काम करने के लिए दादरी चले गए थे। इस मोहल्ले में एक भाई-भाभी भी रहते हैं। पुलिस को उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। इसके चलते न्यायालय के आदेश पर उसे नारी निकेतन कानपुर भेज दिया गया। तब से वह वहीं रहती है। न्यायालय में गवाही के लिए उसे बुलाया गया था।

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अभियोजन ने सिर्फ 16 तारीखों पर सुनाई सजा

इस मामले में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका अभियोजन व पैरोकार पक्ष की है। न्यायालय में 3 अप्रैल को चार्जशीट पर संज्ञान लिया गया और 4 अप्रैल को आरोप तय हुए। इसके बाद सात अप्रैल को साक्ष्य, 10 अप्रैल को वादी की गवाही, 12 व 15 अप्रैल को पीडि़त को बुलाने की प्रक्रिया, 20 अप्रैल को पीडि़त, डॉक्टर की गवाही, 24 को साक्ष्य, 25 को विवेचक की गवाही, 26-18 अप्रैल व 1 मई को साक्ष्य प्रक्रिया और 3 मई को डॉक्टर से जिरह, 5 मई को मुकदमा लेखक से जिरह, 6 मई को आरोपी के बयान, 9 मई को बहस और 15 मई को निर्णय सुनाया गया है।

चार बच्चों का पिता है आरोपी, बच्ची गैर समुदाय की
अभियोजन अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में दोषी करार पप्पू दो बेटे व दो बेटियों का पिता है। गैर समुदाय की मजदूर परिवार की बच्ची को बचपन में ही गोद लेकर अपने पास रखे हुए था। इसी बच्ची के संग पिछले एक वर्ष से इस तरह की हरकत करता आ रहा था।
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