परिणाम सामने आने के बाद बसपा व सपा खेमे में अपने खिसकते आधार को लेकर चिंतन शुरू हो गया है। बसपा जहां अपने मूल जनाधार वाले वोट को न पा पाने के कारण चिंतन कर रही है। वहीं सपा आजाद समाज पार्टी के समर्थन के बाद भी और लक्ष्मी धनगर को बघेलों के प्रभाव के लिए जिलाध्यक्ष बनाने के बाद भी वोट न पाने पर चिंतन कर रही है।
सीमा विस्तार वाले इलाके की स्थिति
शहर के सीमा विस्तार वाले इलाके पर गौर करें तो नगर पटवारी, भगवानढ़ी, धौर्रा वार्ड को सपा, सिंधौली वार्ड को बसपा जीती है। वहीं कोल विधानसभा के सराय हरनारायण, बढ़ौली फतेह खां, असदपुर कयाम, क्वार्सी वार्ड को भाजपा जीती है।
हारे 43 वार्ड में ये रहा भाजपा का परिणाम
जिन 43 वार्ड को भाजपा हारी है। उनके परिणाम पर अगर गौर करें तो भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला पदाधिकारी राकेश सहाय यहां बसपा से हारे और मात्र 862 मत पाए। सराय लवरिया में भाजपा नेता विशाल हारे और निर्दल के सामने मात्र 1825 मत पाए। भाजपा महानगर मंत्री संजू बजाज नगला मसानी वार्ड से बसपा से हारे और 2368 मत पाए। रिसाल सिंह नगर वार्ड से निवर्तमान पार्षद सुरेंद्र पचौरी निर्दल से हारे और 1095 मत पाए।
मुस्लिम आबादी इलाकों में वोट मिलने की बात करें तो नगला पटवारी में 185, तेलीपाड़ा में 47, जीवनगढ़ में 30, बनियापाड़ा में 901, सुपर कालोनी में 51, बादाम नगर में 267, भुजपुरा में 125, रोरावर में 34, हमदर्द नगर में 88, कबीर कालोनी में 91, मेडिकल कालोनी में 334, नगला जमालपुर में 100, टनटनपाड़ा में 456, धौर्रा में 617, उस्मानपाड़ा में 233, एडीए शाहजमाल में 159, मोलाना आजाद नगर में 188, फिरदौस नगर में 1494, जाकिर नगर में 88, जमालपुर में 460, जोहराबाग में 260, दोदपुर में 349, माबूद नगर में 489, नगला आशिक अली में 118, बदरबाग में 204, भमोला में 623, मकदूम नगर में 247, रसलगंज में 1660, महफूज नगर में 1140, नौनेर गेट में 1761 मत भाजपा के हक में आए हैं।
इन इलाकों में वोट मिलने को लेकर जब लोगों से बात हुई तो तीन मुद्दे ऐसे सामने आए, जिन्हें वे वोट मिलने का आधार बताते हैं। जिनमें सबसे पहले महिला सुरक्षा संबंधी कानून, राशन वितरण और तीन तलाक प्रमुख हैं।
अबकी बोर्ड में 18 स्नातक और 14 निरक्षर पार्षद
नगर निगम बोर्ड में इस बार सर्वाधिक शिक्षित पार्षद पहुंचे हैं। जिनमें 18 तो स्नातक हैं। नगर निगम बोर्ड में निर्वाचितों की शिक्षा देखें तो 18 स्नातकों के बाद 12 परास्नातक, 11 इंटरमीडिएट, 12 दसवीं पास, 14 जूनियर तक शिक्षित, 7 प्राइमरी तक शिक्षित और 14 निरक्षर व दो अन्य की श्रेणी में हैं।
निकायों में सिर्फ एक निरक्षर अध्यक्ष निर्वाचित
इसी तरह जिले की निकायों पर गौर करें तो सिर्फ इगलास से निरक्षर अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा अतरौली, कौडिय़ागंज, विजयगढ़ में इंटरमीडिएट, खैर में परास्नातक, मडराक, जलाली, बेसवां व जट्टारी में जूनियर शिक्षित, पिलखना में डिप्लोमा डिग्रीधारी, बरौली, चंडौस, पिसावा व गभाना में स्नातक, हरदुआगंज, छर्रा में हाईस्कूल, जवां में प्राइमरी तक शिक्षित अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
ये है स्थिति
सीमा विस्तार वाले 8 वार्ड में से चार भाजपा जीती, तीन सपा, एक बसपा
जिन वार्डों में कभी बस्ते या झंडे नहीं लगते थे, वहां भी मिले वोट
ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में इस चुनाव का मूल मंत्र बना
बसपा का आधार कहे जाने वाले अनुसूचित वर्ग में भी भाजपा की सेंध