क्वार्सी बाईपास स्थित इंजीनियर्स सहकारी कॉलोनी के नियमितीकरण के संबंध में बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि कॉलोनी के आसपास सटी भूमि पर कुल भूमि के 15 प्रतिशत भू-भाग पर यदि विकास कर्ता द्वारा पार्क विकसित कर लिया जाए या फिर प्राधिकरण द्वारा सर्वे एवं सत्यापन के उपरांत शमन की कार्रवाई संभव हो तो कॉलोनी के नियमितीकरण के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।
मंडलायुक्त के सवालों के जवाब नहीं दे सके इंजीनियर
खैर रोड पर उद्योग स्थापना के लिए 2.807 हेक्टेयर भूमि के भू उपयोग परिवर्तन के संबंध में अधिशासी अभियंता लोनिवि योगेश कुमार मंडलायुक्त के सवालों का जवाब नहीं दे सके। जिस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए एजेंडा बिंदुओं पर समुचित तैयारी के साथ पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए। बैठक में प्राधिकरण सेवा के कार्मिकों के लिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली को अंगीकृत किये जाने पर आयुक्त द्वारा हरी झंडी प्रदान की गई, जिसका प्राधिकरण में कार्यरत 42 कार्मिकों एवं उनके आश्रितों को लाभ मिल सकेगा। परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गयी। प्राधिकरण में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों का पारिश्रमिक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर सदस्यों में एक राय नहीं बन सकी।
कुल आठ प्रस्ताव रखे गए
एडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने विभिन्न विकास योजनाओं पर आधारित एजेंडा प्रस्तुत किया। कुल आठ प्रस्ताव रखे गए। जिसमें ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना के भू उपयोग परिवर्तन, कर्मचारियों पारिश्रमिक में वृद्धि, इंजीनियर्स कॉलोनी के नियमितीकरण, ग्राम सुजानपुर में भू-उपयोग परिवर्तन के साथ ही मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आवंटित धनराशि के व्यय पर चर्चा की गई।