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जरा सी चूक ने ली जान: मक्खन निकालते समय महिला के पेट में घुसी मथानी, हुई दर्दनाक मौत

Mon, 05 Aug 2024 01:58 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

महिला ने मथानी की चटकनी बंद कर दी और बोर्ड से प्लग नहीं निकाला। प्रीति मथानी को गोद में रखकर मक्खन निकाल रही थीं, इसी दौरान मथानी की चटकनी ऑन हो गई और मथानी चल गई। मथानी ने महिला के पेट में छेद कर दिया।
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मृतका प्रीती और जमीन पर पड़ी मथानी मशीन - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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जरा सी चूक महिला के लिए मौत की वजह बन गई। अतरौली के गांव शेखूपुर में महिला ने दही मथने वाली मथानी की चटकनी बंद कर दी, पर बोर्ड से प्लग नहीं निकाला। अचानक चटकनी दब गई और मथनी ने महिला का पेट चीर दिया। अधिक खून बहने से महिला की दर्दनाक मौत हो गई। जिससे परिवार में मातम छा गया।

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गांव शेखूपुर निवासी गगन कुमार शटरिंग का काम करते हैं। 5 अगस्त की सुबह वह काम पर चले गए। घरेलू काम निपटाने के बाद उनकी पत्नी प्रीति (26) मक्खन निकालने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मथानी से एक बर्तन में दही मथने लगीं। उस समय घर पर डेढ़ साल के उनके बच्चे कुणाल के अलावा कोई नहीं था। दही मथने के बाद मथानी का स्विच तो उन्होंने बंद कर दिया लेकिन बिजली के बोर्ड का स्विच बंद नहीं किया।
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आशंका जताई जा रही है कि वह मथानी को गोद में रखकर मट्ठा से मक्खन निकालने लगीं। इसी बीच मथानी में करंट प्रवाहित हो उठा। इससे उन्हें झटका लगा। इसी झटके में शरीर का कोई हिस्सा छू जाने से मथानी का बटन दब गया। इससे मथानी शुरू हो गई और पेट में घुस गई। इससे अत्यधिक मात्रा में खून शरीर से बह गया। वह वहीं पड़ी रहीं। कुछ देर बाद कुणाल जगा तो जोर-जोर से रोने लगा। 

उसके लगातार रोने की आवाज पर पड़ोस की महिला घर पहुंची तो खून से लथपथ पड़ा प्रीति का शव देखकर उसके होश उड़ गए। वह रोते-चीखते हुए बाहर आई। इस पर तमाम लोग एकत्र हो गए। खबर पाकर गगन भी भागते हुए पहुंचे। भाजपा नेता साहब सिंह राजपूत, राजू लोधी प्रधान, पूर्व जिप सदस्य केपी मिस्त्री आदि ने भी पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
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पत्नी ने कहा था, जब आआगे तब साथ में खाऊंगी
गगन कुमार ने बताया कि रोजाना सुबह खाना खाकर ही काम पर जाते थे। सोमवार सुबह मन अजीब सा था। खाने का मन नहीं था। पत्नी से कहा था कि दोपहर में दो बजे तक लौटकर खाऊंगा। पत्नी ने कहा था कि आने पर ही दोपहर में गरमा-गरम रोटी बनाऊंगी। फिर साथ ही खाएंगे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। इतना कहकर वह फफककर रो पड़े...।

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