जीएसटी एसआईबी की टीम ने शुक्रवार को छापामार कर आठ करोड़ की आईटीसी हजम करने वाली पांच फर्मों का पर्दाफाश किया है। इस गड़बड़ी के आरोपी कारोबारी विष्णु प्रताप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उपायुक्त ( एसआईबी) आरपीएस कौंतेय और पंकज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बृहस्पतिवार को पांच फर्मों के सात ठिकानों पर छापा मारा था। ंयह कार्रवाई जनकपुरी स्थित ओम ट्रेडर्स, रामघाट रोड स्थित लाल मंदिर वाली गली तथा रमेश बिहार कॉलोनी में एक साथ की गई थी। जांच में ओम ट्रेडर्स के ठिकानों से 110 खाली चेक मिले थे। इन सभी पर कारोबारियों के एडवांस में हस्ताक्षर थे। आरोपी विष्णु प्रताप के मोबाइल से कई फर्मों से फर्जी लेनदेन का ब्योरा भी मिला है। जांच करने पर यह भी पता चला है कि फर्जी बिलों के जरिए आईटीसी का लाभ लिया जा रहा था।
जीएसटी के उपायुक्त पंकज कुमार सिंह के अनुसार विष्णु प्रताप ने बयान में कई चौंकाने वाले तथ्य बताए हैं। जिनमें कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर फर्म पंजीकृत कराई गईं थीं। छापे में यह भी खुलासा हुआ है कि क्रेता और विक्रेता की ओर से सात फीसदी जीएसटी की दरों पर बिल दिए जाते थे, जबकि जीएसटी की दर 18 फीसदी है। आरोपी ने यह भी बताया कि उसके साथ इस काम में दीप अग्रवाल व सोमन सैनी भी शामिल हैं।