न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिसावा (अलीगढ़)।
अघोषित कटौती के विरोध में चल रहे धरना, प्रदर्शन के दौरान बुधवार को दादरी से आगरा जा रही चार लाख वोल्ट वाली एनटीपीसी की लाइन वाले एक खंभे पर दरगवां बिजली घर के समीप डेटा खुर्द गांव निवासी किसान कालू चढ़ गया और तार छूकर जान देने की धमकी देने लगा। इससे हड़कंप मच गया। धरना दे रहे किसानों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस भी उसे लगातार समझाती रही। करीब एक घंटे बाद किसी तरह मान मनोव्वल कर उसे खंभे से नीचे उतारा गया जिसके बाद पुलिस और मौजूद लोगों की जान में जान आई।
बिजली की अघोषित कटौती को लेकर चार दिन से जिले भर के ग्रामीण बिजली घरों में किसानों का धरना, प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भी दरगवां बिजलीघर से जुडे़ किसान बिजलीघर पर धरना दे रहे थे। धरना दे रहे किसानों को उम्मीद थी कि अधिकारी आकर उनकी बात सुनेंगे लेकिन किसी अधिकारी के न पहुंचने पर किसानों का गुस्सा भड़क गया।
वह नारेबाजी करते हुए डीएम से मिलने पर बात कर रहे थे इसी बीच डेटा खुर्द निवासी किसान कालू पुत्र महीपाल सिंह दरगवां बिजलीघर के समीप से निकली एनटीपीसी की लाइन वाले खंभे पर काफी ऊपर तक चढ़ गया और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। यह जानकारी लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी। पुलिस ने पहुंचकर अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बावजूद एक घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इससे आक्रोशित किसानों ने रोडवेज बस रुकवाकर जाम लगा दिया। उधर मौके पर पहुंची यूपी 100 पुलिस कर्मियों से किसानों की जमकर नोकझोंक हुई। इंस्पेक्टर मानवेंद्र कुमार त्यागी ने मौके पर पहुंचकर कालू को समझाकर नीचे उतारा और जाम खुलवाया।
सहजपुरा के धरने में पहुंचे अधिशासी अभियंता
उधर सहजपुरा बिजलीघर पर धरना दे रहे किसानों के बीच अधिशासी अभियंता खैर चंदन प्रकाश विभागीय कर्मियों के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि दरगवां व सहजपुरा बिजलीघरों को 12-12 घंटे की आपूर्ति दी जाएगी। टीपीएम सिस्टम लगाया जायेगा, जिससे विद्युत आपूर्ति में व्यवधान न आ सके। उनके आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।