आगरा हरीपर्वत क्षेत्र के बाग मुजफ्फर खां स्थित एक निजी हॉस्टल में मजदूर नरेश प्रजापति उर्फ बंटी (40) की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। उनका शव रविवार शाम को हॉस्टल की चौथी मंजिल पर बने शौचालय में मिला। वह हॉस्टल में रहने वाले अपने साथी मोहन प्रजापति से मिलने आया करते थे। घटना के बाद से साथी फरार है। पुलिस का कहना है कि साथी ने पहले कमरे में नरेश की सिर में पत्थर मारकर हत्या की। इसके बाद शव को शौचालय में डालकर ताला लगाया और फरार हो गया।
डाकखाने वाली गली, बाग मुजफ्फर खां निवासी नरेश प्रजापति पुत्र रामगोपाल मजदूरी करते थे। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि नरेश शनिवार सुबह 11 बजे घर से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटकर आए। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका।
निरीक्षक के मुताबिक, सेंट जोंस चौराहे के पास विवेक बंसल का चार मंजिला हॉस्टल है। हॉस्टल की चौथी मंजिल पर कमरा लेकर ग्वालियर निवासी मोहन प्रजापति रह रहा था। वह भी मजदूरी करता है। नरेश उससे मिलने जाता था। दोनों की दोस्ती थी। रविवार शाम को हॉस्टल का कर्मचारी चौथी मंजिल पर गया था। तभी उसे दुर्गंध आई। मगर, मोहन के कमरे पर ताला लगा था। कर्मचारी ने शौचालय को खोलने की कोशिश की, लेकिन उसके गेट पर भी ताला था। दुर्गंध शौचालय के अंदर से ही आ रही थी। फर्श पर खून भी पड़ा था। यह देखकर उसे शक हो गया। उसने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने पहुंचकर गेट को खोला। शौचालय में नरेश का शव पड़ा हुआ था। उसके सिर पर प्रहार किए गए थे। खून पड़ा हुआ था। वहीं मोहन का कमरा भी खोला गया। उसमें खून से सना पत्थर भी पड़ी मिल गई। सामान भी बिखरा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी आ गए। देर रात परिजनों ने थाना में हत्या की तहरीर दी।
आरोपी ने दस साल पहले भी की थी हत्या
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि हत्या के बाद से बंटी उर्फ नरेश का साथी मोहन प्रजापति फरार है। प्रथम दृष्टया उसी ने हत्या की है। उसकी तलाश की जा रही है। वह मूलरूप से ग्वालियर का रहने वाला है। उसके रिश्तेदार आगरा में रहते हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। इसमें पता चला है कि मोहन ने दस साल पहले भी अपने जीजा की इसी तरह सिर में पत्थर मारकर हत्या कर दी थी। वह जेल भी गया था। मगर, छूट गया। उसकी रिश्तेदारी भिंड में भी है। एक टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रवाना की गई है। हॉस्टल में कमरे खाली पड़े हैं। इस कारण लोगों को हत्या की जानकारी नहीं हो सकी। हालांकि मोहन को कुछ लोगों ने भागते हुए देखा था।
परिवार में मचा कोहराम
मृतक के भतीजे शिवम ने बताया कि चाचा के तीन बच्चे हैं। इनमें 14 साल की बेटी सोनी, 12 साल का बेटा लकी और दस साल का देव है। पत्नी डॉली है। उन्हें मोहन से दोस्ती की भी कोई जानकारी नहीं है। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। नरेश के पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में वही एक कमाने वाला था। नरेश की मौत से पत्नी और बच्चे बेसहारा हो गए हैं।