मोटापे से हृदय, मधुमेह, उच्च रक्तचाप ही नहीं गठिया की बीमारी भी हो रही है। मोटापे से जोड़ कमजोर हो गए हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास 30 से 45 साल की उम्र के डेढ़ गुना मरीज बढ़ गए हैं। कोरोना महामारी से पहले एसएन की गठिया ओपीडी में जहां 90-120 मरीज आते थे वहीं अब 140-180 मरीज तक आ रहे हैं। इनमें से 50 फीसदी मरीजों में गठिया की समस्या का कारण मोटापा पाया गया है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के गठिया रोग ओपीडी की प्रभारी डॉ. अंजना पांडे ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में गठिया की वजह मोटापा, पेट अधिक निकलना मिला है। बाकी उम्र संबंधी और चोट या फिर अन्य वजहों से गठिया पनपा। मोटापा होने से कमर और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे जोड़ प्रभावित होते हैं और फिर गठिया के शिकार हो जाते हैं। ये लोग 12 घंटे में 5-6 घंटे बैठे रहते हैं और शारीरिक गतिविधियां सामान्य से भी कम मिलीं।
युवाओं में जोड़ों की परेशानी की बड़ी वजह मोटापा
आगरा आर्थोपैडिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. संजय प्रकाश ने बताया कि युवाओं में गठिया और जोड़ों की परेशानी की बड़ी वजह मोटापा बनता जा रहा है। इसमें कॉलेज जाने वाले छात्र भी शामिल हैं। वजन उठाने, तेज चलने में जोड़ों में दर्द रहता है। कुर्सी या फिर एक स्थान पर लंबे समय से बैठे रहते हैं। मरीजों को दवा देने के साथ खानपान में सुधार और वजन कम करने की सीख भी दे रहे हैं।
इन बातों को रखें ख्याल
- तेल-चिकनाई, चीनी का उपयोग कम करें।
- दिन में तीन से पांच किमी साइकिल चलाएं।
- 30 से 40 मिनट तक नियमित टहलें।
- कुर्सी पर बैठकर पैरों को ऊपर-नीचे कर व्यायाम करें।
- बेड पर हैं तो पैरों के नीचे तकिया रखकर 10 से 20 बार दबाएं।
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