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UP: गड़बड़ा रहा दिमाग का ट्रांसमीटर, पढ़ने-समझने और याद करने में आ रही दिक्कत; विशेषज्ञ बोले- शुरू करें ये काम

Sun, 30 Mar 2025 11:24 AM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में साइको न्यूरो फिजियोलॉजी की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अंतिम व्याख्यान में चिकित्सकों ने कई अहम बिंदुओं पर चिंता व्यक्त की। बताया कि स्क्रीन एडिक्शन से दिमाग थक रहा है। पढ़ने-समझने और याद करने की क्षमता घटी है।
 
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कार्यशाला में माैजूद विशेषज्ञ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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घंटों मोबाइल, टीवी और लैपटॉप-कंप्यूटर पर समय बिताने से दिमागी क्षमता कम हो रही है। इससे याददाश्त पर भी असर पड़ रहा है। पढ़ने-समझने और याद करने की क्षमता भी घट रही है। आगरा क्लब में आयोजित एसएन मेडिकल कॉलेज और एसोसिएशन ऑफ फिजियोलॉजी की साइको न्यूरो फिजियोलॉजी कार्यशाला के अंतिम दिन विशेषज्ञों ने चिंता प्रकट की।
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विशिष्ट वक्ता डॉ. चीनू अग्रवाल ने बताया कि लोग 5 से 6 घंटे समय स्क्रीन पर बिता रहे हैं। इससे दिमाग का ट्रांसमीटर भी प्रभावित हो रहा हैं। पढ़ने, याद करने और समझने की क्षमता घट रही है। नींद पूरी नहीं होने से चिड़चिड़ापन, सिर व आंखों में दर्द और आंखों में नमी की कमी की परेशानी सामने आ रही है । सबसे ज्यादा 60-65 फीसदी कामकाजी युवा प्रभावित हैं। 

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किशाेर-बच्चे भी इससे अछूते नहीं है। एसएन के मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा ने बायो इलेक्टि्रकल ग्रिड पर कहा कि ये तनाव, अवसाद और चिंता की स्थिति को बढ़ा देता है। इससे पेट में एसिड बनना तेज होता है, जिससे पेट के विकार बढ़ जाते हैं। 

 

नई दिल्ली एम्स के डॉ. राजकुमार यादव ने दिमागी परेशानियों के लिए जांच और इसके इलाज के बारे में जानकारी दी। चेयरपर्सन फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा श्रीवास्तव और सचिव डॉ. दिव्या श्रीवास्तव मानव भावनाओं का शरीर पर होने वाले प्रभावों के बारे में व्याख्यान दिया। डॉ. शिप्रा चंद्रा, डॉ. आशुतोष भारद्वाज, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. जीएस गौड आदि ने भी व्याख्यान दिए। समापन पर सभी को प्रमाण पत्र दिए गए।

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डरावने सपनों से बढ़ जाता है रक्तचाप
जम्मू-कश्मीर के चिकित्सक डॉ. नवनीत कौर, डॉ. सुनीता कुमारी और डॉ. सोनी सिंह ने सपनों से शरीर पर होने वाले प्रभावों के बारे में बताया। कहा कि गहरी नींद में डरावने सपने आते हैं, जिसमें सांस तेज चलने लगती है, मांसपेशियां जकड़ सकती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। ये सपने अक्सर याद नहीं रहते हैं। इनका कोई महत्व नहीं होता है।

 
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ये दिए सुझाव
- 24 घंटे में दो घंटे से अधिक स्क्रीन टाइम न हो। बच्चों-किशोरों को मोबाइल से बचाएं।
- हर 20-25 मिनट बाद आंखों को 2-3 मिनट का आराम दें। पलक झपकाएं, दूर तक देखें।
- लैपटॉप और कंप्यूटर को मेज पर रखकर चलाएं, गर्दन के बराबर ऊंचाई पर रखे हों।
- अंधेरे में मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप न चलाएं। सोने से पहले इनका उपयोग न करें।
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