कोरोना महामारी में जीवनरक्षक अंगदान नहीं हो पाया
कोरोना महामारी के चलते बीते 16 महीने से जीवन रक्षक अंगों का दान नहीं हो पाया है। इस साल स्वास्थ्य विभाग के यहां दो मामले आए हैं, इनका सत्यापन किया जा रहा है। अंगदान करने वाली महिलाएं हैं और अंग पाने वाले पुरुष हैं। मां अपनी संतान को किडनी देंगी।
जटिल है अंगदान प्रक्रिया
किडनी, लिवर, फेफड़े जैसे जीवनरक्षक अंगों के दान के लिए शपथ पत्र सीएमओ कार्यालय में जमा होता है। इसकी प्रशासनिक अधिकारी जांच करते हैं कि जबरन या फिर खरीद-फरोख्त का मामला तो नहीं।
रिपोर्ट मिलने पर सीएमओ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी दोनों परिवारों के साथ बैठक कर सहमति लेते हैं, वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती है। सभी कुछ ठीक होने पर सीएमओ संबंधित अस्पताल को पत्र लिखकर अंगदान कराने की अनुमति देते हैं।