उन्होंने कहा कि खुद को पहचानें। अपने बारे में सामने वाले को ऐसे बताएं, जैसे आप कोई सेलिब्रिटी हैं। भगवान ने आपको इस धरती पर भेजा है तो कुछ न कुछ आप में खास होगा। इसके अलावा अपनी पर्सनालिटी को सबसे अलग दिखाने का प्रयास करें। इसके लिए आप अपनी बात सलीके और अदब के साथ रखें।
कार्यशाला में खाने-पीने, उठन-बैठने के अलावा चलने-फिरने तक में बात हुई। साथ ही बात करने की सलीके और किसी से हाथ मिलाने के तरीके पर जोर रहा। कार्यशाला का समापन अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने किया। व्यवस्थाएं पावनी और चांदनी सचदेवा ने संभालीं। कार्यशाला में अध्यक्ष पूनम सचदेवा, रिंपी, पूजा, कोमिला, सिमरन, स्नेहा, नीरू, रेनू लांबा, कंजरी शर्मा, नूतन, रितु, रचना, राजश्री मिश्रा आदि उपस्थित रहे।