इसी समय वहां से स्थानीय निवासी सोरन सिंह की पत्नी लज्जा देवी (55) निकल रही थीं। पोल सीधे उनके ऊपर गिर गया। इससे वह वहीं गिर गईं और उनकी चीख निकल गई। काम कर रहे कर्मी हादसे की गंभीरता समझ गए और वहां से भाग खड़े हुए। आसपास के लोगों ने देखा तो वह भागकर पहुंचे।
लोगों ने पोल को उठाया और लज्जा देवी को बाहर निकाला। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। लज्जा देवी की मौत हो चुकी थी। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने शव रखकर सड़क जाम कर दी। इससे गाड़ियों की कतार लग गई। करीब तीन घंटे तक लोग जाम से जूझते रहे।
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सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौजूद लोगों से बात करके घटना की जानकारी ली। लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी प्रकार शांत कराया। इसके बाद जान खुलवाकर यातायात सुचारू कराया।
सोरन सिंह ने बचाया कि पत्नी लज्जा देवी पशुओं की देखरेख के लिए बेड़े पर गई थी। वहां से घर वापस लौटते समय यह हादसा हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि हादसा बिजली कर्मियों की घोर लापरवाही से हुआ है। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उसे मुआवजा मिलना चाहिए।
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थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि हादसे में महिला की मौत हुई है। पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ अरुण कुमार ने कहा कि मोंटी कार्लो नाम की कंपनी पुराने खंभों को हटाकर नए खंभे लगा रही है। खंभा लगाने के दौरान हादसा हुआ है।