आगरा। ऑनलाइन शॉपिंग साइट के कस्टमर केयर का नंबर खोजने में सैन्यकर्मी की पत्नी साइबर अपराधियों का शिकार बन गईं। ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर उनके मोबाइल फोन पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करा दिया। इसके बाद खाते की जानकारी लेकर 65 हजार रुपये साइबर अपराधी ने निकाल लिए। सोमवार को पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की है।
सैन्यकर्मी की सदर क्षेत्र निवासी पत्नी ने पिछले दिनों ऑनलाइन शॉपिंग की थी। इसमें कुछ सामान गड़बड़ निकला। दो दिन पहले उन्होंने सामान रिटर्न के लिए कस्टमर केयर का नंबर ऑनलाइन खोजा। इसमें एक नंबर मिल गया। कॉल रिसीव करने वाले ने कहा कि 24 घंटे में वह सामान रिटर्न करवा देगा। इसके लिए एक एप डाउनलोड करना होगा। यह नंबर साइबर अपराधी का था।
महिला ने एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद साइबर अपराधी ने मोबाइल की स्क्रीन शेयर करते हुए उनकी नेट बैंकिंग की जानकारी और ओटीपी देख लिया। इसके बाद उनके खाते से रकम ट्रांसफर करने लगा। फोन पर मैसेज आने पर महिला को पता चल गया। उन्होंने बैंक जाकर अपना खाता बंद करा दिया। मगर, तब तक 65 हजार रुपये उनके खाते से निकाल लिए गए। पीड़िता ने थाना सदर में शिकायत की है। पुलिस साइबर सेल की मदद ले रही है।
साइबर सेल के मुताबिक, गूगल पर नामी कंपनी के नाम से साइबर अपराधी अपने नंबर डाल रहे हैं। जब कोई व्यक्ति नंबर खोजता है तो उनके जाल में फंस जाता है। कॉल करने पर मदद के नाम पर मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग और एक्सेस करने वाले एप डाउनलोड कराकर फोन हैक करते हैं।
खाते की जानकारी लेकर रकम निकाल लेते हैं। इसलिए ऑनलाइन कस्टमर केयर का नंबर खोजने में सावधान रहें। कंपनी की अधिकृत वेबसाइट से ही नंबर लेना चाहिए। फोन पर कोई एप डाउनलोड करने के लिए कहता है तो समझ जाएं, साइबर ठगी हो सकती है। मोबाइल पर एटीएम कार्ड और खाते की जानकारी नहीं देनी चाहिए।