मामले के अनुसार अजमेर सिंह के बेटे रामज्ञान (35) और भूरी सिंह (38) के बीच चार बीघा जमीन के बंटवारे के लिए विवाद चल रहा है। गुरुवार सुबह रामज्ञान, कस्तूरी देवी की भूरी सिंह व उसकी पत्नी राजाबेटी के साथ कहासुनी हुई।
इसमें कस्तूरी की पिटाई की गई। इसके बाद भूरी सिंह ने जैसे ही रामज्ञान पर हाथ छोड़ा, वैसे ही कस्तूरी भागकर गई और केरोसीन की केन उठा लाई। उसने खुद को आग लगा ली।
आग बुझने तक रामज्ञान 60 फीसदी और प्रताप सिंह 35 फीसदी झुलस गए। तीनों को पहले बाह सीएचसी ले जाया गया। वहां से आगरा रेफर किया गया। बाह थाना के इंस्पेक्टर ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जिंदगी और मौत के बीच झूल रही 90 फीसदी झुलसी कस्तूरी देवी की हालत देखकर उसकी मां मुन्नी देवी और बहन मिथिलेश बेसुध हो गईं। बच्चे गौतम (5), संध्या (10) और अनुराधा (7) की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।