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UP: नई लेदर फुटवियर पॉलिसी क्या है? आगरा जूता उद्योग को लगेंगे पंख, इन  सुविधाओं का मिलेगा लाभ

Fri, 25 Apr 2025 09:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

नई लेदर फुटवियर पॉलिसी को लेकर मन में कई सवाल हैं। तो बताते हैं कि इस पॉलिसी के तहत सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में छूट समेत कई सुविधाओं का लाभ मिलेगा। 
 
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जूता - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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प्रदेश में नई लेदर व फुटवियर पॉलिसी-2025 लागू होगी। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार हो गया है। जल्द ही अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस पॉलिसी से आगरा के जूता उद्योग को नई संजीवनी मिलेगी। उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नई राहें खुलेंगी।
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पॉलिसी का उद्देश्य लेदर व फुटवियर उत्पादन, ब्रांडिंग और निर्यात बढ़ाना है। नई नीति के तहत प्रदेश में निजी इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने वाले डेवलपर्स को सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट समेत कई प्रकार की सहूलियतें मिलेंगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि नई नीति लाकर लेदर व फुटवियर पार्क के निर्माण व विकास को बढ़ावा दिया जाए। इस पॉलिसी से सबसे ज्यादा फायदा आगरा, कानपुर-उन्नाव बेल्ट को होगा। आगरा फुटवियर निर्यात का हब है। नई पॉलिसी का लक्ष्य प्रदेश में लेदर व फुटवियर के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन और निर्यात क्षमता बढ़ाकर राजस्व में वृद्धि करना है।

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योजना के अनुसार, नई नीति के तहत प्रत्येक एक करोड़ रुपये के निवेश से 20 रोजगार का सृजन करना है। इसके माध्यम से स्टैंडअलोन फुटवियर व लेदर उत्पाद निर्माण इकाई, फुटवियर व लेदर मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मेगा एंकर यूनिट को 50 से 150 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जा सकेगा। क्लस्टर के लिए कम से कम 200 करोड़ और एलाइड फुटवियर व लेदर यूनिट से संबंधित संयंत्र, निर्माण इकाई व प्राइवेट पार्क के विकास के लिए कम से कम 150 करोड़ रुपये निवेश करना होगा। प्रत्येक इकाई से 1000 से 3000 रोजगार के अवसर सृजित हो सकेंगे।

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निर्माण और संचालन का कार्य 5 वर्षों में करना होगा पूरा
प्रदेश के अतिरिक्त देश में सिर्फ तमिलनाडु ऐसा राज्य है जिसकी खुद की फुटवियर व लेदर प्रोडक्ट्स पॉलिसी है। ऐसे में, पॉलिसी के अंतर्गत प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना 25 से 100 एकड़ में करने वाले डेवलपर्स को अधिकतम 45 करोड़ रुपये तक पूंजीगत सब्सिडी के तौर पर मिल सकेगी। भूमि क्रय में 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी। इसके निर्माण व संचालन का कार्य 5 वर्षों में पूरा करना होगा। बड़े प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना 100 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में होगी। अधिकतम पूंजीगत सब्सिडी 80 करोड़ रुपये तक मिलेगी। इसके निर्माण और संचालन का कार्य भी 5 वर्षों में पूरा करना होगा।

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लेदर एक्सपोर्ट में 46 प्रतिशत है यूपी की भागीदारी
यूपी देश के कुल लेदर एक्सपोर्ट में 46 प्रतिशत की भागीदारी रखता है। लेदर व फुटवियर एक्सपोर्ट के लिहाज से आगरा, कानपुर व उन्नाव प्रदेश के सबसे बड़े व प्रमुख केंद्र हैं। यहां 200 से ज्यादा टेनरी हैं। आगरा की तो फुटवियर कैपिटल के तौर पर ख्याति है। कानपुर को सेफ्टी फुटवियर, लेदर एक्सेसरीज व वस्त्र के बड़े हब के तौर पर जाना जाता है। वहीं, लखनऊ और बरेली की उभरते हुए केंद्र के तौर पर पहचान है।



 
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आगरा में खुल सकेंगे निजी फुटवियर पार्क
नई लेदर व फुटवियर पॉलिसी 2025 लागू होने से आगरा में जूता उद्योग को नई उड़ान मिलेगी। निजी फुटवियर पार्क खुल सकेंगे। 150 से 200 करोड़ रुपये निवेश करना होगा। जिले में हर साल करीब 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है। इसके अलावा 150 से अधिक निर्यातक इकाइयां हैं। घरेलू जूता उद्योग का सालाना कारोबार 20 हजार करोड़ रुपये है। दो हजार से अधिक घरेलू इकाइंया हैं। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 3 लाख लोग जूता कारोबार पर निर्भर हैं। नई पॉलिसी में फुटवियर उत्पादन करने वाली इकाइयों को सरकार सब्सिडी देगी। 
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