कपड़े ढककर धूप से बच्चों को बचाव करतीं महिलाएं (फाइल)
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कोरोना संकट के बीच आगरा में गर्मी के तेवर देखकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। रैपिड रिस्पांस टीम बनाते हुए सुझाव भी दिए हैं। लोगों को सुबह 11 से दोपहर चार बजे तक धूप में नहीं निकलने की नसीहत दी है।
ताजनगरी का पारा 46 डिग्री से पार पहुंच गया है। इसमें हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त का सबसे ज्यादा खतरा है। लापरवाही से मरीज की मौत भी संभव है। किसी इमरजेंसी पर रैपिड रिस्पांस टीम मौके पर पहुंचकर मरीज को भर्ती कराएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि हीट स्ट्रोक में चक्कर, कमजोरी होना, सिर में दर्द, उल्टी होने की समस्या होती है। हालत गंभीर होने पर मरीज बेहोश हो सकता है। लोगों से अपील है कि जो एडवाइजरी जारी की है, उसका गंभीरता से पालन करें।
ये दिए गए हैं सुझाव
1. बच्चों और पालतू जानवरों को खड़ी कार में छोड़कर न जाएं।
2. सुबह 11 से दोपहर चार बजे के बीच बाहर न जाएं।
3. जरूरी कार्य होने पर बाहर जाएं तो गीले कपड़े से सिर, चेहरा ढकें।
3. धूप में बाहर जाना जरूरी है तो चश्मा और छाता का उपयोग करें।
4. सूती कपड़े पहनें, गहरे रंग के और कसे हुए कपड़े पहनने से बचें।
5. लस्सी, चावल का पानी, नींबू-पानी, छाछ और पानी भरपूर पिएं।
6. बासी भोजन और तले-चटपटे भोजन को खाने से बचें।
7. उल्टी-दस्त होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं।
8. सुबह-शाम घर के दरवाजे और खिड़कियों को खुला रखें, जिससे हवा आए।
9. दिन में दरवाजे-खिड़कियों पर पर्दा लगाएं।