3500 रुपये का बिल, नल पड़े हैं सूखे
दयालबाग क्षेत्र के रणधीर नगर में तीन साल से अमृत योजना के तहत दिए गए कनेक्शनों में पानी नहीं आया, लेकिन 3500 रुपये का बिल आ गया। रणधीर नगर के लोग पानी के लिए सबमर्सिबल पंप पर निर्भर हैं।
किसी ने अकेले बोरिंग कराई तो किसी ने तीन या चार घरों के लिए साझे में बोरिंग का खर्च उठाया। तीन साल पहले गंगाजल की पाइपलाइन जलनिगम की वर्ल्ड बैंक इकाई ने बिछा दी थी, लेकिन इसमें पानी अब तक नहीं आया। अब जब बिल आने शुरू हुए तो लोगों में आक्रोश फैल गया।
महिलाओं ने गंगाजल के लिए किया प्रदर्शन
दयालबाग की 30 कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछी होने के बाद भी गंगाजल न मिलने पर रणधीर नगर की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में बाल्टी लेकर महिलाओं ने जलनिगम के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं की शिकायत है कि तीन साल पहले जब पाइपलाइन बिछाई गई, तब कहा गया था कि गंगाजल आने पर इसमें से पानी आने लगेगा।
एक साल पहले जीवनी मंडी से और दो साल से सिकंदरा क्षेत्र में गंगाजल मिल चुका। ऐसे में अब तो पानी दिलाया जाए। प्रदर्शन के दौरान डॉ. संजय बंसल, जितेंद्र गौड़, शशि लवानिया, संजय चौहान, सरोज देवी, योगेश शर्मा, राकेश, मंजू शर्मा, बबली कुशवाह, पिंकी तिवारी आदि मौजूद रहे।
पानी आया नहीं, बिल भेजे
रणधीर नगर बिजेंद्र सिंह ने कहा कि लाइन बिछाते वक्त कहा गया था कि गंगाजल आने पर टोंटियों से पानी मिलना शुरू हो जाएगा। अब तक पानी आया नहीं हां बिल जरूर भेज दिए गए हैं।
साढ़े तीन हजार का बिल भेजा
रणधीर नगर निवासी निर्मला श्रीवास्तव ने कहा कि हमने दो महीने पहले ही सबमर्सिबल पंप लगवाया है। 50 हजार रुपये खर्च किए। अब साढे़ तीन हजार रुपये का पानी का बिल क्यों भेजा गया।
भूमिगत जल खारा है
कुसुम अग्रवाल ने कहा कि सबमर्सिबल पंप का भूमिगत पानी खारा है और फ्लोराइड की मात्रा भी ज्यादा है। चार महीने में आरओ खराब हो रहा है।