आगरा। उत्तराखंड में बारिश और बाढ़ के कारण गंगा नदी में आ रही सिल्ट की भारी मात्रा को देखते हुए सिंचाई विभाग ने मध्य गंगा कैनाल को बंद कर दिया है। इस वजह से आगरा को अगले तीन दिनों तक गंगाजल नहीं मिल पाएगा। बुलंद शहर के पालड़ा फॉल को 15 अक्तूबर से 4 नवंबर के बीच ऊपरी गंगा नहर की सफाई के कारण मध्य गंगा नहर से ही गंगाजल मिल रहा था, लेकिन सिल्ट के कारण सिंचाई विभाग ने इसे भी बंद कर दिया। इससे पालड़ा फॉल पर गंगाजल की मात्रा कम रह गई है, जिससे अगले तीन दिनों तक आगरा और मथुरा के साथ कासिमपुर को गंगाजल की सप्लाई नहीं हो सकेगी।
आगरा की जलापूर्ति पालड़ा फॉल से मिलने वाले 130 क्यूसेक गंगाजल पर निर्भर है, जिससे जीवनी मंडी पर 135 एमएलडी और सिकंदरा वाटरवर्क्स पर 144 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई हो रही थी। सिंचाई विभाग द्वारा मध्य गंगा कैनाल बंद कर देने के कारण जलनिगम सिकंदरा वाटरवर्क्स पर 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट को आज से चलाना शुरू कर देगा। यह पूरी क्षमता पर चलाया जाएगा, लेकिन इससे आधे शहर में पानी का संकट बना रहेगा। यहां 144 एमएलडी गंगाजल भी सप्लाई होता था। इसी तरह जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से भी गंगाजल का शोधन नहीं हो पाएगा। यहां जलनिगम यमुना जल का शोधन कर जलापूर्ति का प्रयास करेगा, लेकिन जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर यमुना का जल बेहद प्रदूषित है और गंगाजल के नए प्लांट की तकनीक में यमुना के सीवर वाले पानी का शोधन मुश्किल है। ऐसे में शहर में अगले तीन दिनों तक पानी का संकट गहरा सकता है।
उत्तराखंड में बारिश, बाढ़ के कारण गंगा नदी में भारी मात्रा में सिल्ट आ रही है, जिस वजह से मध्य गंगा कैनाल से पालड़ा फॉल की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसका असर दो तीन दिन तक रहेगा। सिल्ट कम होने पर सिंचाई विभाग नहर को खोलगा। तब तक हम यमुना जल का शोधन कर आपूर्ति करेंगे। - महेश कुमार गौतम, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम गंगाजल इकाई