गंगाजल सप्लाई बंद होने के बाद टैंकरों से पानी भरते लोग
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उत्तराखंड में भारी बारिश और पहाड़ों से गिरे मलबे के कारण आ रही मिट्टी के कारण बुलंदशहर के पालड़ा फॉल से जलापूर्ति बंद हो गई। हरिद्वार के अपर गंगा कैनाल से रेगुलेटर बंद कर पालड़ा के लिए गंगाजल रोक दिया गया है, जिस वजह से आगरा को हो रही गंगाजल की आपूर्ति बंद हो गई। मंगलवार को गंगाजल के दोनों प्लांट ठप हो गए। इसकी वजह से मंगलवार को पूरे शहर में पानी का संकट रहा। विभाग के अनुसार अगले तीन दिन शुक्रवार तक पानी का संकट बना रहेगा।
जल निगम की गंगाजल इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके गुप्ता ने बताया कि गंगा के पानी में मिट्टी की मात्रा कई गुना ज्यादा है। 8200 पीपीएम सिल्ट के कारण जलापूर्ति बंद करनी पड़ी। सोमवार रात से जलापूर्ति एकदम कम होती चली गई। इस वजह से मंगलवार को को सिकंदरा वाटरवर्क्स का गंगाजल प्लांट बंद करना पड़ा। सिकंदरा में 144 एमएलडी का एमबीबीआर प्लांट चलाया गया है, जो यमुना जल का शोधन करेगा। पालड़ा फॉल से जो गंगाजल मिलता रहेगा, उसे सीधे जीवनी मंडी भेजा जाएगा। बुधवार और बृहस्पतिवार को पानी का संकट रहेगा। यमुना जल शोधन करके सप्लाई देने का प्रयास होगा।
बिन पानी कैसे काम चलेगा
सुबह बूंद-बूंद कर पानी आया था, लेकिन शाम को तो एकदम बंद हो गया। भीषण गर्मी के कारण पहले से ही परेशान हैं। अब तीन दिन बिना पानी के कैसे काम चलेगा। - अभिजीत सक्सेना, सेक्टर 16