जिस जगह पर धमाका हुआ, उस जगह पर कुछ दूर ही मजदूर बैठे हुए थे। धमाके से वह दहशत में आ गए। उनका कहना था कि जिस भवन में धमाका हुआ, वहां आसपास बनी पुरानी दुकानों के शटर भी टेढ़े पड़ गए। आसपास कई ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम भी हैं।
चल रहा विवाद
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कुलवीर सिंह का कहना है कि परिसर में उनका गोदाम 1973 से है। उनका कुछ लोगों से 1974 से विवाद चल रहा है। उन्होंने धमाके के पीछे साजिश की आशंका जाहिर की। मगर, कोई शिकायत नहीं की है।
दो संदिग्ध नजर आए
पुलिस ने धमाके के बारे पड़ताल के लिए आसपास दुकानों और गोदाम पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें दो संदिग्ध युवक कुछ देर पहले घटनास्थल की ओर जाते दिख रहे हैं। इनकी उम्र तकरीबन 25 और 30 साल है। पुलिस ने फुटेज कब्जे में ले लिए हैं। धमाका करने में इन्हीं युवकों का हाथ तो नहीं? इसकी जांच की जा रही है।