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फिरोजाबाद में डेंगू: मां की गुहार- डॉक्टर साहब...बेटियों को बचा लो, इलाज के लिए नहीं है रुपये

Sat, 04 Sep 2021 06:25 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद के मोहल्ला रानीनगर निवासी मीरा देवी पति की मौत के बाद बेटियों के साथ मिलकर परिवार चलाती हैं। बीते पांच दिनों से उनकी दोनों बेटियां बुखार से तप रही हैं। दोनों का इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। 
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एक बेड पर भर्ती दोनों बहनें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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'डॉक्टर साहब... बेटियों को देख लीजिए। बुखार से तप रही है। अब इतना पैसा भी नहीं बचा कि उनका इलाज किसी निजी अस्पताल में कराया जा सके। अभी तक जो पैसा था, वह बेटियों के उपचार में खर्च हो गया।' यह दर्द फिरोजाबाद की मीरा देवी का है, जो पति की मौत के बाद अपनी दोनों बेटियों के साथ काम करके परिवार का किसी तरह से भरण पोषण करती है। 

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बेटियों के बीमार होने के बाद वह पूरी तरह से टूट गई है। वह ईश्वर से यही प्रार्थना कर रही है कि उसकी बेटियां कैसे भी ठीक हो जाएं। फिरोजाबाद में इन दिनों मीरा देवी की बेटियां ही नहीं, कई बच्चे डेंगू और वायरल फीवर से जूझ रहे हैं। शुक्रवार रात 79 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें 60 से अधिक बच्चे हैं। 

मोहल्ला रानीनगर निवासी मीरा देवी तीन बेटियों की शादी कर चुकी है। दो पुत्र और दो पुत्रियों के भरण पोषण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। पति की मौत के बाद मीरादेवी बेटियों के साथ चूड़ी का काम करके किसी तरह से परिवार का भरण पोषण करने के साथ ही मकान का किराया भरती है। 

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शुक्रवार को सरकारी अस्पताल में कराया भर्ती 
बेटी चांदनी (17) व शिवानी (16) शुक्रवार को तबीयत अधिक खराब होने पर मीरादेवी पड़ोस में रहने वाली रीना गुप्ता के साथ उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंची। यहां रीना गुप्ता ने बताया कि मीरादेवी अभी तक अपनी दोनों बेटियों का उपचार निजी अस्पताल में करा रही थीं। लेकिन अब उनके पास बेटियों के उपचार के लिए पैसे नहीं बचे। इसलिए वह जिला अस्पताल लेकर आई। 

अस्पताल में पहले तो इंतजार करना पड़ा। क्योंकि बेड खाली नहीं थे। स्ट्रेचर पर भी जगह नहीं थी। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद एक बेड खाली हुआ तो उस पर ही दोनों बहनों को लेटा दिया गया। लेकिन हालत में कोई अधिक सुधार नहीं है। अब इतना पैसा भी नहीं है कि दोनों बहनों को किसी निजी चिकित्सक के यहां ले जाया जाए।
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