पिनाहट के ही गांव पुरा नत्था झोरिया (खैरडंडा) निवासी किसान भूरी सिंह उम्र 42 वर्ष की बुखार से मौत हुई। वह आगरा के जीवन रेखा हॉस्पिटल में तीन दिन से भर्ती थे। मंगलवार सुबह छह बजे उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिनाहट क्षेत्र में बुखार से अब तक 11 मरीजों की मौत हो चुकी है।
बरहन में दो महिलाओं सहित तीन की मौत
सोमवार को बरहन के बुर्ज अतिबल में सोनम (28), नगला अडू में नेहा सिंह (25) और नगला ईश्वरी में लटूरी सिंह (65) की बुखार ने जान ले ली। बुर्ज अतिबल निवासी सत्यवीर सिंह ने बताया कि पत्नी सोनम को 15 दिन से बुखार आ रहा था। शहर में निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
कासगंज: डेंगू से आशा कार्यकर्ता सहित तीन की मौत, अब तक 54 लोगों ने बीमारी से तोड़ा दम
सोमवार को सोनम ने दम तोड़ दिया। नगला अडू निवासी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि पत्नी नेहा को दो दिन पहले बुखार आया था। आगरा के निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने डेंगू बताया था। हालत बिगड़ने पर रविवार को जयपुर रेफर कर दिया था, यहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
बुखार से नेहा और सोनम की मौत
- फोटो : अमर उजाला
झोलाछाप के इलाज से हालत बिगड़ी, मौत
नगला ईश्वरी में बुजुर्ग लटूरी सिंह को परिजन एक झोलाछाप के यहां इलाज करा रहे थे। परिजनों ने बताया कि लटूरी सिंह की सोमवार को तेज बुखार आने पर गांव में बिना चिकित्सकीय डिग्री के दुकान चलाने वाले से दवा ले ली। उसने ड्रिप भी चढ़ाई थी लेकिन आराम नहीं मिला और थोड़ी देर बाद मरीज को बेचैनी होने लगी। इस पर उसने आगरा लेकर जाने को कहा। आगरा के रास्ते में लटूरी सिंह ने दम तोड़ दिया।
झोलाछाप के खिलाफ होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि टीम भेजकर गांवों में शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच करवा रहा हूं, पहले भी टीमें गई हैं। परिजनों से पूछताछ कर झोलाछाप को चिह्नित कर उसके खिलाफ कार्रवाई भी कराई जाएगी।