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डेंगू-बुखार का कहर: कासगंज में ढाई साल के मासूम सहित तीन की मौत, एटा में युवक ने तोड़ा दम

Sun, 26 Sep 2021 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क,अमर उजाला, कासगंज

सार

कासगंज जिले में डेंगू और बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे में डेंगू से मासूम सहित तीन मरीजों की मौत हो गई। जिले में अब डेंगू और बुखार से मौत का आंकड़ा बढ़कर 50 पर पहुंच गया है। उधर, एटा में बुखार से एक युवक की मौत हो गई। यहां भी बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। 
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कासगंज: बच्चे की मौत के बाद शोकाकुल परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज जिले के सलेमपुर बीबी निवासी नेम सिंह के ढाई वर्षीय पुत्र बाबू की बुखार से मौत हो गई। उसे गुरुवार को बुखार आया था। परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। इसके बाद उसे अलीगढ़ ले गए, जहां बालक में डेंगू की पुष्टि हुई। उसने शुक्रवार को रात को दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। 

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इसी गांव के निवासी ईशू (15) पुत्र दिनेश शर्मा को तीन दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया। रक्त जांच में प्लेटलेट्स घटकर मात्र 30 हजार रह गई। चिकित्सकों ने डेंगू की पुष्टि कर दी और बाहर ले जाने की सलाह दी। परिजन जब सुबह उसे अलीगढ़ लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। 

बेटी की शादी से पहले पिता की मौत
गंजडुंडवारा के मोहल्ला आवाजी निवासी अजय कुमार (48) को छह दिन पहले तेज बुखार आया। जब निजी चिकित्सक को दिखाने के बाद भी राहत नहीं मिली तो परिजन उसे बरेली ले गए। जहां डेंगू की पुष्टि हो गई। देर रात्रि उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। डेंगू से मौत का शिकार हुए अजय की बेटी की शादी नवंबर में होनी है। घर में शादी के लिए तैयारियां चल रही थीं। बेटी की शादी से पहले ही पिता की मौत हो जाने से परिजन सदमे में हैं। सभी का रो रोकर बुरा हाल है।

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एटा में बुखार से युवक की मौत
एटा के मोहल्ला भगीपुर निवासी मोहित ठाकुर उर्फ वीरभान (23) पुत्र सुनील कुमार को तीन-चार दिन पहले बुखार आया। शुक्रवार को वह इलाज के लिए आगरा गया, लेकिन वहां से बिना इलाज के लौट आया। रात में हालत बिगड़ गई। शनिवार सुबह परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। जहां कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई।

शनिवार को मेडिकल कॉलेज की मेटरनिटी विंग में बनाए गए 10 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड फुल था। चार बीमार बच्चों को सामान्य डेंगू वार्ड के बेडों पर भर्ती किया गया। वहीं, दोनों डेंगू वार्ड के बेड भी फुल हैं। ऐसी स्थिति में तीसरी मंजिल के वार्ड के पास डॉक्टर ड्यूटी रूम में दो बेड डलवाकर मरीजों को भर्ती किया गया। 

जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मेटरनिटी विंग में करीब 300 बेड की व्यवस्था है। जरूरत के अनुसार सभी मरीजों को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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