बाह में पटकुंईयापुरा गांव के लोगों का वायरल से बुराहाल है। घर-घर में वायरल की चपेट से बच्चे बीमार हैं। बुधवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच की गई। पटकुंईयापुरा के रामदत्त उनकी पत्नी और बच्चे विष्णु, ब्रह्मकुमार, महेश, शिवानी बुखार की चपेट में हैं। इसका पता चलने पर अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी। टीम ने शिविर लगाकर 79 रोगियों का उपचार किया।
बुखार की शिकायत पर 16 लोगों के रक्त के नमूने लिए। शिविर में सबसे ज्यादा 21 मरीज चर्म रोग के थे। वहीं शिविर में पहुंची महिला लोंग श्री को बुखार था। उसने बताया कि मंगलवार को वह रास्ते में कीचड़ में गिर गई थी। परिजनों ने उसे बाहर निकाला। इसके बाद से उसे बुखार है।
6.88 लाख घरों में मिले बुखार-खांसी के 7543 मरीज
शहर और देहात के 6.88 लाख घरों में बुखार-खांसी के 7543 मरीज मिले हैं। दो-तीन दिन से तेज बुखार के साथ खांसी और छाती में जकड़न भी मिली। टीम ने दवा देने के साथ बुखार न उतरने पर सीएचसी पर डेंगू की जांच कराने के लिए कहा।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सात से 16 सितंबर तक घर-घर विशेष अभियान चलाया। इसमें 13582 टीमें लगाई गईं, जो 688441 घरों तक पहुंची। इनमें 7543 लोगों को बुखार आ रहा था। पूछने पर परिवार के मुखिया ने बताया कि दो-तीन दिन से बुखार है, दवा भी दिलवाई लेकिन बुखार उतर नहीं रहा। बच्चों में उल्टी और पेट दर्द की शिकायत भी बताई। उनको दवा देने के साथ डेंगू के संदिग्ध मरीजों की सीएचसी पर जांच भी कराई है। 279 घरों में डेंगू का लार्वा भी मिला, जहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
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