फिरोजाबाद में डेंगू: सौ शैय्या अस्पताल में इलाज के लिए आए लोग
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भारत सरकार की टीम और प्रदेश सरकार की टीमों के फिरोजाबाद में आने के बाद भी डेंगू बेकाबू है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की स्थिति सुधर नहीं रही है। मंगलवार को सौ शैय्या अस्पताल में मरीजों की संख्या मंगलवार को दोबारा 274 पहुंच गई है। 24 घंटे में 534 बच्चों की कराई गई जांच में 171 की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। निजी अस्पतालों में भी हालत नहीं सुधरी है। मरीजों की भीड़ सुबह से देर रात्रि तक दिख रही है।
21 अगस्त से शुरू हुआ बुखार
विगत 21 अगस्त से जिले में डेंगू और वायरल का प्रकोप शुरू हो गया था। सबसे पहले सरकारी अस्पतालों में बने वार्ड फुल हो गए थे। अब एक माह गुजरने के बाद स्थिति काबू में नहीं आ सकी है। जबकि भारत सरकार, प्रदेश सरकार की विशेष चिकित्सकों की टीम भी दौरा कर चुकी है। मंगलवार को भी अस्पताल की ओपीडी में भीड़ रही। हालांकि निजी चिकित्सकों के क्लीनिक फिर से खुलने के कारण मरीजों अस्पताल में ओपीडी में आसानी से इलाज मिल रहा है। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चों को भर्ती किया। कई परिजन अपने बच्चो को भर्ती करने के लिए रिपोर्ट का इंतजार करते रहे।
एक सप्ताह में कम हुए मरीज
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा का कहना है कि चिकित्सीय व्यवस्था में सुधार लगातार किया जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या एक सप्ताह में कम हुई है। 274 मरीज भर्ती हैं।
ट्रॉमा सेंटर में फुल हो रहे पलंग
सरकारी ट्रॉमा सेंटर में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को भर्ती किया जा रहा है। मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर के सभी पलंग फुल हो गए। मरीजों को वार्डों में शिफ्ट कराया गया। इधर, सौ शैय्या अस्पताल से बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा गया।
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