एमएलसी (स्थानीय प्राधिकारी) चुनाव की आदर्श आचार संहिता 16 अप्रैल तक लागू है। शहर की सड़कें होर्डिंग-बैनर व पोस्टर से पटी हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में होर्डिंग पर रोक थी। एमजी रोड से लेकर शहर के अंदर तक करीब एक हजार से अधिक होर्डिंग लगे हैं।
एमएलसी आचार संहिता के कारण 12 अप्रैल को प्रस्तावित सिंचाई बंधु बैठक स्थगित हो गई है। तहसील दिवस, समाधान दिवस, योजनाओं के प्रस्ताव एवं नए विकास कार्य शुरू नहीं हो रहे। मंत्रियों की बैठक भी बंद हैं। ये सभी आचार संहिता उल्लंघन के दायरे में आते हैं, परंतु शहर की सड़कों पर लगे होर्डिंग उल्लंघन की श्रेणी में नहीं है।
जनप्रहरी संस्था प्रबंधक सचिव नरोत्तम सिंह शर्मा ने इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एमएलसी चुनाव में आचार संहिता पालन में अधिकारी लापरवाह हैं। उल्लंघन होने पर कार्रवाई को लेकर गंभीर नहीं हैं। वहीं, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि होर्डिंग-बैनर एमएलसी चुनाव की आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में नहीं आते।
वहीं 15 मार्च को प्रशासन की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव की सूचना जारी हो गई है। नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता के उपबंध पूर्व की भांति यथावत लागू रहेंगे। पूर्व की भांति यानी कि विधानसभा चुनाव 2022 की भांति। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि यदि प्रतिबंध पूर्व की भांति लागू हैं तो फिर होर्डिंग-बैनर को लेकर नियम कैसे अलग हो सकते हैं।