अमर उजाला ने उठाई ग्रामीणों की आवाज
चंबल के बीहड़ में बसे गुढ़ा गांव तक पहुंचने के लिए सिमराई से चार किलोमीटर कच्चे, ऊबड़ खाबड़ रास्ते से चलना पड़ता है। बारिश के काण यह रास्ता दलदली हो गया था। 11 जनवरी को गुढ़ा गांव के दलदल से भरे रास्ते से ट्रैक्टर-ट्रॉली से लाते वक्त गुड्डी देवी (35) का प्रसव हो गया। प्लेसेंटा फंसने से उसकी जान खतरे में पड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किसी प्रकार जच्चा और बच्चा की जान बचाई। इस खबर को अमर उजाला अखबार और पोर्टल पर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।