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अमर उजाला बना बीहड़ के गांवों की आवाज: यूपी के मुख्य सचिव ने लिया संज्ञान, सड़क बनने की जगी उम्मीद

Tue, 18 Jan 2022 12:26 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

बीहड़ में बसे गुढ़ा गांव के लिए चार किमी की सड़क न बनने का दर्द अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इसका संज्ञान लिया है।
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सीएचसी में भर्ती गुड्डी देवी (11 जनवरी की तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा जिले के बाह क्षेत्र में गुढ़ा गांव के समीप बीहड़ के कच्चे रास्ते पर बारिश से हुई कीचड़ में 11 जनवरी को प्रसूता गुड्डी को लेकर जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली फंस गई थी। ट्रॉली में ही प्रसव हो गया, उचित उपचार नहीं मिल पाने से गुड्डी की जान पर बन आई थी। इस गांव के लिए चार किमी की सड़क न बनने का दर्द अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह को समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं।

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बाह के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अतिरंजन सिंह ने बताया कि सोमवार को विकास और वन विभाग की टीम स्थलीय निरीक्षण के लिए गुढ़ा पहुंचेंगी। टीमें यहां सड़क निर्माण की संभावनाओं को तलाशेगी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने सड़क निर्माण की अनुमति के लिए वन विभाग को पत्र भी लिखा है। गुढ़ा गांव के लालाराम, रामकेश, रामसेवक, हजूरी, महीपत, शिवदत्त, राममोहन, सुरेश आदि ने बताया कि पहली बार सड़क बनने की उम्मीद जगी है। सड़क बन जाए तो गांव के विकास को पंख लग जाएंगे। 

संबंधित खबर- बीहड़ में जानलेवा कच्चे रास्ते: अब गांव गुढ़ा की गुड्डी की जान पड़ी खतरे में, ट्रॉली में हुआ प्रसव
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प्रधान बोले, धन्यवाद अमर उजाला
गुढ़ा सिमराई गांव के प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि आजादी के बाद से सड़क के लिए गुढा गांव के लोग जूझ रहे हैं। सड़क के अभाव में गांव में तमाम तरह की समस्याएं लोग झेल रहे हैं। अमर उजाला ने गांव के दर्द को समझा और अब अधिकारी हरकत में आए हैं। धन्यवाद अमर उजाला। उम्मीद है कि गांव के लिए सड़क बन जाएगी। 800 की आबादी वाले गांव के लिए आवागमन सुलभ हो सकेगा।

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अमर उजाला ने उठाई ग्रामीणों की आवाज 
चंबल के बीहड़ में बसे गुढ़ा गांव तक पहुंचने के लिए सिमराई से चार किलोमीटर कच्चे, ऊबड़ खाबड़ रास्ते से चलना पड़ता है। बारिश के काण यह रास्ता दलदली हो गया था। 11 जनवरी को गुढ़ा गांव के दलदल से भरे रास्ते से ट्रैक्टर-ट्रॉली से लाते वक्त गुड्डी देवी (35) का प्रसव हो गया। प्लेसेंटा फंसने से उसकी जान खतरे में पड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किसी प्रकार जच्चा और बच्चा की जान बचाई। इस खबर को अमर उजाला अखबार और पोर्टल पर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। 
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