सूचना मिलने पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे विभगीय कर्मचारियों ने धंसी हुई पुलिया की अस्थाई मरम्मत कर उसको ठीक कर दिया। लगभग दो घंटे बाद मैनपुरी से आये इंजीनियरों ने फिट मीमो देकर ट्रेन को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से मालगाड़ी को गुजारा।
ग्रामीणों की सजगता से हादसा होने से बचा
रेल ट्रैक के बीचों-बीच बनी हुई पुलिया के धंसने के बाद जिस तरह ग्रामीणों ने सजगता दिखाई सराहनीय थी। ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड ने बताया कि उनकी सजगता को उन्होंने गंभीरता से लिया तथा सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को रोक दिया। अगर जरा सी चूक हो जाती तो मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती।